ग्रामीणों का आरोप- समय पर उचित इलाज नहीं मिलने से गई जान, वार्ता के बाद ₹80 हजार सहायता राशि व आश्रित को नौकरी पर बनी सहमति
रामगढ़ (झारखंड): रामगढ़ जिले के हेसला स्थित झारखंड इस्पात फैक्टरी में कार्यरत मजदूर गोपी करमाली की इलाज के दौरान मौत के बाद शुक्रवार को परिजनों और ग्रामीणों ने फैक्टरी के मुख्य गेट पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा एवं आश्रित को नौकरी देने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, गोपी करमाली फैक्टरी के इंडक्शन विभाग में कार्यरत थे। रविवार को ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पहले उन्हें इलाज के लिए अरगड्डा भेजा गया। इसके बाद सोमवार को उन्हें आदर्श नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर किया गया। बताया गया कि उन्हें पेट में तेज दर्द की शिकायत थी। इलाज के दौरान गुरुवार, 9 जुलाई को रिम्स में उनकी मृत्यु हो गई।
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का आरोप था कि फैक्टरी प्रबंधन ने समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई, जिसके कारण गोपी करमाली की जान चली गई। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने शुक्रवार 10 जुलाई 2026 की सुबह आठ बजे फैक्टरी गेट जाम कर मुआवजा और आश्रित को स्थायी नौकरी देने की मांग की।
गेट जाम में आशीष, बसमतिया देवी, बिगन करमाली, सूरज नाथ करमाली, फूलचंद्र करमाली, शंभू करमाली, आशीष करमाली, तीरथ बेदिया, हरि, शंकर करमाली, अनिल, गुड्डू, शनि, मुकेश, शांति देवी, सुमन देवी एवं यशोदा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
बाद में फैक्टरी प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता के बाद तत्काल ₹80 हजार की सहायता राशि देने तथा मृतक के एक आश्रित को नौकरी देने पर सहमति बनी। इसके बाद ग्रामीणों ने गेट जाम समाप्त कर दिया।
वार्ता में रणधीर गुप्ता, गोपाल मुंडा, महेश ठाकुर, पिंटू अंसारी, दिलीप भुइया, कृष्णा सिंह, अभय सिंह, प्रदीप ठाकुर तथा विशाल कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।