वन महोत्सव पर श्री कृष्ण विद्या मंदिर में पर्यावरण का संदेश, चित्रकला, वृक्षारोपण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में दिखा छात्रों का उत्साह

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रामगढ़ (झारखंड): पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता विकसित करने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत करने के उद्देश्य से श्री कृष्ण विद्या मंदिर में शनिवार को सह-पाठ्यक्रम (सीसीए) गतिविधियों के तहत भव्य वन महोत्सव का आयोजन किया गया। दिनभर विद्यालय परिसर हरित संदेश, रचनात्मक गतिविधियों और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से जीवंत बना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत नर्सरी से कक्षा प्रथम तक के विद्यार्थियों की चित्रकला प्रतियोगिता से हुई। ‘वृक्षों के उपयोग’ विषय पर बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और रंगों के माध्यम से प्रकृति के महत्व को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।

इसके बाद कक्षा चौथी से सातवीं तक के विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही ‘वृक्षारोपण’ विषय पर आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में छात्रों ने प्रभावशाली संदेशों, आकर्षक चित्रों और प्रेरक नारों के माध्यम से हरियाली बचाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण कपड़े के थैले सजावट प्रतियोगिता भी रही। विद्यार्थियों ने साधारण कपड़े के थैलों को कलात्मक डिजाइनों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों से सजाकर प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली का संदेश दिया।

कक्षा नौवीं और ग्यारहवीं के विद्यार्थियों के बीच ‘सतत भविष्य के लिए वृक्षारोपण तकनीकी विकास से अधिक आवश्यक है’ विषय पर अंतर-सदनीय हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने अपने तर्क, तथ्यों और प्रभावशाली वक्तृत्व कौशल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर सार्थक विचार रखे। प्रतियोगिता में सुभाष सदन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया।

खेल गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित टेबल टेनिस प्रतियोगिता में टैगोर हाउस के आदर्श कुमार (कक्षा सातवीं) तथा पटेल हाउस के अनुराग सिंह (कक्षा दसवीं) अपने-अपने वर्ग में विजेता घोषित किए गए।

इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता आनंद अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव की वास्तविक समृद्धि प्रकृति के संरक्षण में निहित है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्राचार्या गुरप्रीत कौर ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।