रामगढ / रांची (झारखंड) : तमिलनाडु में अमोनिया गैस रिसाव की घटना से प्रभावित झारखंड के मजदूरों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित कराने के लिए सरकारी अधिवक्ता (गवर्नमेंट प्लीडर) संजीव कुमार अम्बष्ठ ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को याचिका भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि तमिलनाडु में कार्यरत झारखंड के कई मजदूर अमोनिया गैस रिसाव से प्रभावित हुए हैं। घटना के बाद कुछ मजदूरों की तबीयत बिगड़ गई, जबकि कई अन्य भय और असुरक्षा के माहौल में हैं। झारखंड में रह रहे उनके परिजन भी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और सरकार से त्वरित सहायता की अपेक्षा कर रहे हैं।
याचिका में राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर प्रभावित मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उनका समुचित उपचार कराया जाए तथा तमिलनाडु और झारखंड सरकार समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करें।
राष्ट्रपति सचिवालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली से अवर सचिव लक्ष्मीमहाराभूषणम के माध्यम से रोजगार सचिव और श्रम सचिव को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
याचिका में यह भी मांग की गई है कि तमिलनाडु में फंसे सभी झारखंडी मजदूरों को सुरक्षित और सम्मानपूर्वक उनके गृह राज्य वापस लाया जाए। इसके अलावा प्रभावित मजदूरों एवं उनके परिवारों को आर्थिक सहायता, उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया गया है।
राष्ट्रपति सचिवालय ने याचिका को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को अग्रेषित कर दिया है और निर्देश दिया है कि इस मामले में उठाए गए कदमों की जानकारी सीधे याचिकाकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाए।
सरकारी अधिवक्ता संजीव कुमार अम्बष्ठ ने उम्मीद जताई है कि मानवीय आधार पर इस मामले में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा और प्रभावित मजदूरों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।