रामगढ़ (झारखंड) : जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा विभिन्न विकास परियोजनाओं के तहत संचालित भूमि अधिग्रहण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों एवं परियोजनाओं से जुड़े लंबित भूमि अधिग्रहण मामलों की परियोजनावार समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को त्वरित निष्पादन और समयबद्ध मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान भारतमाला परियोजना के चार, रेलवे से जुड़े सात, पथ प्रमंडल के नौ, बरलंगा–कसमार सड़क परियोजना, रजरप्पा सड़क परियोजना, एनएच-33, टाटा स्टील तथा एसएजे (SAJ) से संबंधित तीन मामलों सहित विभिन्न भूमि अधिग्रहण प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने प्रत्येक परियोजना की प्रगति, लंबित मामलों, मुआवजा भुगतान की स्थिति तथा कार्य में आ रही बाधाओं की बिंदुवार जानकारी अधिकारियों से ली।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन रैयतों के मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया लंबित है, उनका नियमानुसार शीघ्र निष्पादन किया जाए, ताकि विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए पात्र रैयतों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में उपायुक्त ने लंबित भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान मामलों के समाधान के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से रैयतों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए तथा आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन एवं अन्य औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराई जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुगम बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर संवाद से रैयतों का विश्वास बढ़ेगा और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
उपायुक्त श्री ऋतुराज ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना आवश्यक है।
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संबंधित परियोजनाओं से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे।