रामगढ़, झारखंड : उपायुक्त की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। पेंशन से जुड़े मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन के उद्देश्य से आयोजित इस अदालत में विभिन्न विभागों के लंबित पेंशन प्रकरणों की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पेंशन अदालत के दौरान कुल 40 मामलों की क्रमवार सुनवाई की गई। उपायुक्त ने सभी मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मियों को समय पर पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने और अनावश्यक विलंब से बचने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर महालेखागार कार्यालय, रांची के अधिकारियों ने जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों और कर्मियों को पेंशन से संबंधित ‘समाधान पोर्टल’ के उपयोग का विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान पोर्टल के माध्यम से पेंशन मामलों के ऑनलाइन पंजीकरण, लंबित मामलों की निगरानी, शिकायतों के निष्पादन तथा समयबद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी साझा की गई।
प्रशिक्षण में अधिकारियों ने बताया कि समाधान पोर्टल के प्रभावी उपयोग से पेंशन मामलों के निष्पादन में पारदर्शिता, त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सकता है। साथ ही उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए पोर्टल के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी दी गई।
पेंशन अदालत में संबंधित विभागों के पदाधिकारी, महालेखागार कार्यालय, रांची के प्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।