राम प्रसाद चंद्रभान सरस्वती विद्या मंदिर में सैकड़ों विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, डाक के जरिए भाइयों तक पहुंचेगा बहनों का प्यार राखी बनाओ, डाक से भेजो प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई रचनात्मकता

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रामगढ़ कैंट, झारखंड  : मोबाइल और डिजिटल संदेशों के दौर में भाई-बहन के रिश्ते में डाक के माध्यम से प्रेम और अपनत्व का संदेश पहुंचाने की अनूठी पहल रामगढ़ में देखने को मिली। जिले की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था राम प्रसाद चंद्रभान सरस्वती विद्या मंदिर में सोमवार को “राखी बनाओ और डाक से भेजो प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता का परिचय देते हुए आकर्षक राखियां तैयार कीं। इन राखियों को लिफाफे में रखकर डाक के माध्यम से उनके भाइयों तक पहुंचाया जाएगा। इस पहल के जरिए बच्चों को पारंपरिक त्योहार की भावनाओं से जोड़ने के साथ-साथ डाक सेवा के महत्व से भी परिचित कराने का प्रयास किया गया।

रचनात्मकता और परंपरा से बच्चों को जोड़ने की पहल

कार्यक्रम में विद्यालय के सचिव शंकर लाल अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि डाक विभाग की यह पहल बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों के साथ हमारी परंपराओं से जोड़ने का अच्छा माध्यम है। डिजिटल युग में इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को पुराने और भरोसेमंद डाक माध्यम की उपयोगिता समझाने में भी मदद करते हैं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण जी ने कहा कि आज के मोबाइल और डिजिटल दौर में डाक विभाग द्वारा बच्चों को अपनी विभिन्न सेवाओं और योजनाओं से जोड़ने का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने डाक विभाग के अधिकारियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए विद्यालय में भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता बताई।

चयनित विद्यार्थियों को किया जाएगा पुरस्कृत

आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों की बनाई राखियों में से डाक विभाग द्वारा चयन किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

कार्यक्रम को सफल बनाने में रामगढ़ सब डिवीजन के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव रविशंकर राय और चंदन कुमार महतो, पोस्टमास्टर मो. जसीम खान, आशीष कुमार झा एवं शुभम कुमार का सहयोग रहा।

विद्यालय प्रबंधन की ओर से सहायक शिक्षिका संगीता मिश्रा, विकास कुमार कुशवाहा, कुमकुम झा सहित अन्य शिक्षकों एवं कर्मियों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।

इस प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों ने जहां अपनी कला और कल्पनाशक्ति का प्रदर्शन किया, वहीं डाक के जरिए राखी भेजने की पहल ने भाई-बहन के रिश्ते में जुड़ी आत्मीयता और पारंपरिक भावनाओं को एक अलग अंदाज में जीवंत किया।