उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में कृषि, मत्स्य, पशुपालन एवं गव्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

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■ योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश

■ जिला स्तर पर मत्स्य मेला आयोजित करने का दिया निर्देश

रामगढ़, झारखंड : उपायुक्त रामगढ़ श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभा कक्ष में जिला कृषि कार्यालय, आत्मा कार्यालय, जिला मत्स्य कार्यालय, जिला पशुपालन कार्यालय एवं जिला गव्य विकास कार्यालय द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से संचालित योजनाओं की प्रगति, लाभुकों को उपलब्ध कराए जा रहे लाभ तथा निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सरकार की जनकल्याणकारी एवं किसान हितैषी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाने का निर्देश दिया।

उपायुक्त श्री ऋतुराज ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं के तहत किए जा रहे कार्यों का नियमित रूप से स्थल निरीक्षण किया जाए तथा योजनाओं का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। स्थल निरीक्षण के दौरान योजनाओं की वास्तविक स्थिति, लाभुकों को मिल रहे लाभ तथा कार्य की गुणवत्ता की जांच करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

कृषि एवं आत्मा कार्यालय की समीक्षा

जिला कृषि कार्यालय एवं आत्मा कार्यालय की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों तक कृषि विभाग की योजनाओं, तकनीकी जानकारी एवं प्रशिक्षण का लाभ पहुंचाने, योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा पात्र किसानों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में विभागीय समन्वय को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।

मत्स्य विभाग की समीक्षा

जिला मत्स्य कार्यालय की समीक्षा के दौरान मत्स्य पालन से संबंधित योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने तथा अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया।

इस दौरान उपायुक्त ने जिला स्तर पर मत्स्य मेला आयोजित किए जाने के संबंध में जिला मत्स्य पदाधिकारी को आवश्यक तैयारियां एवं कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने मेला आयोजन के उद्देश्य, इसमें स्थानीय मत्स्य पालकों एवं उत्पादकों की भागीदारी, मत्स्य उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री तथा आमजनों तक मत्स्य पालन से संबंधित जानकारी पहुंचाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पशुपालन एवं गव्य विकास विभाग की समीक्षा

जिला पशुपालन कार्यालय एवं जिला गव्य विकास कार्यालय द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों को उपलब्ध कराए जा रहे लाभों की जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों तक पहुंचाने, विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लाभुकों के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि पशुपालन एवं गव्य विकास से जुड़ी योजनाओं का भी नियमित स्थल निरीक्षण किया जाए और लाभुकों को उपलब्ध कराई गई परिसंपत्तियों एवं योजनाओं का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल लक्ष्य प्राप्त करना नहीं, बल्कि लाभुकों की आय में वृद्धि एवं उनके आर्थिक सशक्तीकरण को सुनिश्चित करना होना चाहिए।

बैठक में उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।