कोलकाता (पश्चिम बंगाल) : कोल इंडिया लिमिटेड ने नए कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षण-सह-परिवीक्षा और शुरुआती पदोन्नति को लेकर नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। कंपनी के निदेशक मंडल की 14 अगस्त 2026 को हुई 493वीं बैठक में लिए गए निर्णय के बाद 17 अगस्त को संशोधित कार्यालय आदेश जारी किया गया। नई व्यवस्था के तहत चिकित्सा और गैर-चिकित्सा दोनों श्रेणियों के नए कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्ति अब सीधे ई-1 ग्रेड में की जाएगी।
ई-1 ग्रेड का वेतनमान 60 हजार से 1.80 लाख रुपये निर्धारित है। इसके बाद प्रशिक्षण और परिवीक्षा की निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले अधिकारियों को अपेक्षाकृत कम अवधि में ई-2 ग्रेड में स्थान दिया जाएगा।
छह माह बाद ई-2 ग्रेड में स्थान
गैर-चिकित्सा संवर्ग में प्रबंधन प्रशिक्षु और विभागीय स्तर से चयनित अधिकारी प्रशिक्षुओं को शुरुआत के छह महीने ई-1 ग्रेड में प्रशिक्षण-सह-परिवीक्षा से गुजरना होगा। छह माह का चरण संतोषजनक तरीके से पूरा होने पर उन्हें बिना तत्काल वेतनवृद्धि के ई-2 ग्रेड में स्थान दिया जाएगा।
ई-2 ग्रेड का वेतनमान 70 हजार से 2 लाख रुपये है। हालांकि, छह महीने बाद ई-2 में स्थान मिलना नियमित नियुक्ति की अंतिम पुष्टि नहीं माना जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण-सह-परिवीक्षा की पूरी एक वर्ष की अवधि सफलतापूर्वक पूरी करनी होगी।
एक साल बाद नियुक्ति की पुष्टि और तीन प्रतिशत इंक्रीमेंट
एक वर्ष की प्रशिक्षण-सह-परिवीक्षा पूरी करने, निर्धारित प्रशिक्षण हासिल करने, समापन परीक्षा उत्तीर्ण करने और जरूरी अनुमोदन मिलने के बाद गैर-चिकित्सा अधिकारियों की ई-2 ग्रेड में नियमित पुष्टि की जाएगी। इसी चरण में मूल वेतन पर तीन प्रतिशत की पहली वेतनवृद्धि भी दी जाएगी।
इसके बाद कंपनी के प्रचलित नियमों के अनुसार प्रत्येक वर्ष एक अप्रैल को वार्षिक वेतनवृद्धि मिलेगी। पहले ई-1 ग्रेड में तीन वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद ई-2 में पदोन्नति का प्रावधान था, लेकिन संशोधित व्यवस्था ने इस अवधि को काफी कम कर दिया है।
शुरुआती छह माह फील्ड में काम करना जरूरी
नए गैर-चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षण के शुरुआती छह महीने परिचालन क्षेत्रों या क्षेत्रीय इकाइयों में काम करना अनिवार्य होगा। इस अवधि में उन्हें मुख्यालय में तैनाती नहीं दी जाएगी।
कंपनी का उद्देश्य अधिकारियों को कोयला उत्पादन, खनन गतिविधियों और व्यावसायिक संचालन की जमीनी कार्यप्रणाली से परिचित कराना है। हालांकि, निर्धारित श्रेणी के दिव्यांग अधिकारियों को उनकी परिस्थितियों और इच्छा के आधार पर क्षेत्रीय तैनाती से छूट दी जा सकती है। ऐसे अधिकारियों को वैकल्पिक कार्य अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रशिक्षण में 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य
एक वर्ष की प्रशिक्षण-सह-परिवीक्षा अवधि के दौरान अधिकारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें खदान से लेकर मुख्यालय स्तर तक काम की समझ, कार्यस्थल पर कौशल विकास, विभागीय एवं अंतर-विभागीय प्रशिक्षण तथा अंतिम परीक्षा जैसे मानदंड शामिल होंगे।
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए अधिकारी को कम से कम 60 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
चिकित्सा अधिकारियों के लिए भी बदला नियम
चिकित्सा संवर्ग के नए अधिकारियों को भी अब ई-1 ग्रेड से नियुक्त किया जाएगा। छह महीने का प्रदर्शन संतोषजनक रहने पर उन्हें ई-2 ग्रेड में स्थान दिया जाएगा और मूल वेतन पर तीन प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान होगा।
वहीं, निर्धारित तीन वर्ष का अनुभव रखने वाले पात्र चिकित्सा विशेषज्ञों को एक वर्ष की परिवीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद ई-3 ग्रेड में स्थान दिए जाने की व्यवस्था होगी।
खनन प्रबंधन प्रशिक्षुओं को ई-3 में जाने का विशेष प्रावधान
खनन संवर्ग के प्रबंधन प्रशिक्षुओं के लिए भी संशोधित व्यवस्था में विशेष प्रावधान किया गया है। प्रशिक्षण और भारतीय कोयला प्रबंधन संस्थान की अंतिम परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने पर उन्हें ई-3 ग्रेड में स्थान दिया जा सकेगा। इस चरण पर द्वितीय श्रेणी खान प्रबंधक दक्षता प्रमाणपत्र की प्रतीक्षा करना आवश्यक नहीं होगा।
हालांकि सामान्य तौर पर ई-2 से ई-3 में जाने के लिए द्वितीय श्रेणी खान प्रबंधक दक्षता प्रमाणपत्र जरूरी रहेगा। प्रमाणपत्र खुली और भूमिगत दोनों तरह की खदानों में कार्य के लिए वैध होना चाहिए। ई-4 ग्रेड में आगे बढ़ने के लिए भी निर्धारित श्रेणी का वैध खान प्रबंधक दक्षता प्रमाणपत्र आवश्यक होगा।
विभागीय कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
गैर-कार्यकारी संवर्ग से कार्यकारी पद पर आने वाले विभागीय कर्मचारियों को भी नई व्यवस्था में ई-1 ग्रेड में शामिल किया जाएगा। छह महीने बाद उन्हें बिना वेतनवृद्धि के ई-2 ग्रेड में स्थान मिलेगा। एक वर्ष की निर्धारित अवधि पूरी करने और आवश्यक परीक्षा पास करने के बाद ई-2 में उनकी नियुक्ति की पुष्टि होगी और पहली वेतनवृद्धि प्रदान की जाएगी।
GATE-2025 और CBT-2026 से चयनित उम्मीदवार भी शामिल
संशोधित नियम 14 अगस्त 2026 या उसके बाद जारी विज्ञापन अथवा अधिसूचना के आधार पर होने वाली बाहरी और विभागीय भर्तियों पर लागू होंगे। इसके साथ ही GATE-2025 के विज्ञापन संख्या 01/2026 और CBT-2026 के विज्ञापन संख्या 03/2026 के तहत चयनित अभ्यर्थी भी नई व्यवस्था के दायरे में आएंगे।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि संशोधन के अलावा बाकी मौजूदा नियम प्रभावी रहेंगे। प्रशिक्षण के दौरान बिना वेतन की छुट्टी लेने पर प्रशिक्षण अवधि उतनी ही अवधि तक बढ़ाई जा सकती है। हालांकि कानून या कंपनी के नियमों के तहत सेवा अवधि में शामिल की जाने वाली छुट्टियों पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा।