श्रीराम पावर फर्नेस ब्लास्ट मामले में यशवंत सिन्हा ने उपायुक्त से मांगी जांच रिपोर्ट, समिति की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

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रामगढ़ कैंट, झारखंड  :  पूर्व केंद्रीय वित्त एवं विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने रामगढ़ उपायुक्त को पत्र भेजकर श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में हुए फर्नेस ब्लास्ट मामले की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की है। 14 सितंबर 2026 को लिखे पत्र में उन्होंने जांच समिति की कार्यप्रणाली और अब तक की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं।

यशवंत सिन्हा ने पत्र में उपायुक्त के आदेश संख्या 1205/गो., दिनांक 9 अगस्त 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि फर्नेस ब्लास्ट की घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया था। समिति को घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी।

उन्होंने जांच के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं को सुनिश्चित करने की बात कही है—

  • फर्नेस ब्लास्ट की घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच।

  • घटना के समय फैक्ट्री में लागू सुरक्षा मानकों एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल का सत्यापन।

  • फैक्ट्री के संचालन, रख-रखाव एवं तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था की जांच।

  • फैक्ट्री में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था एवं उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की स्थिति का आकलन।

  • श्रमिकों को उपलब्ध कराए गए सुरक्षा उपकरण (पीपीई) एवं सुरक्षा प्रशिक्षण की जांच।

  • संबंधित फैक्ट्री के लाइसेंस, वैधानिक स्वीकृति एवं सुरक्षा संबंधी अभिलेखों का सत्यापन।

  • घटना में मानवीय लापरवाही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी अथवा नियमों के उल्लंघन की स्थिति का निर्धारण।

  • घटना के लिए उत्तरदायी व्यक्ति का निर्धारण एवं आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा।

  • भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा उपायों और सुधारात्मक कार्रवाई की अनुशंसा।

यशवंत सिन्हा ने पत्र में कहा कि समिति की जांच रिपोर्ट उन्हें प्राप्त हुई है, लेकिन उसमें सुरक्षा के संबंध में केवल अपनी रिपोर्ट दी गई है और अन्य बिंदुओं पर कोई प्रतिवेदन नहीं दिया गया है।

उन्होंने समिति द्वारा दिए गए आधे-अधूरे प्रतिवेदन को अस्वीकार करते हुए उपायुक्त से पूरे मामले की दोबारा जांच कराने और संपूर्ण रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

यशवंत सिन्हा के पत्र के बाद प्रशासन ने 18 सितंबर को नष्ट कराईं कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलें

यशवंत सिन्हा ने 14 सितंबर 2026 को रामगढ़ उपायुक्त को भेजे पत्र में उपायुक्त कार्यालय के पत्र संख्या 1354 एवं दिनांक 8 सितंबर 2026 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती थीं। इसलिए इन्हें तत्काल नष्ट किया जाना चाहिए था।

रामगढ़ जिले में अवैध रूप से रखी गई कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलों को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा द्वारा उपायुक्त को पत्र भेजे जाने के बाद प्रशासन ने 18 सितंबर 2026 को कार्रवाई करते हुए संबंधित कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलों को नष्ट कराया। मामले को लेकर यशवंत सिन्हा ने प्रशासन की कार्रवाई में देरी पर सवाल उठाए थे ।

उन्होंने पत्र में लिखा कि जिस तत्परता से प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए थी, उस तत्परता से कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही उन्होंने उपायुक्त से मामले की वर्तमान अद्यतन स्थिति से अवगत कराने का अनुरोध किया।