चार दिन की बारिश ने खोली रामगढ़ की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल, अब शहर को पेवर ब्लॉक नहीं व्यापक ड्रेनेज सिस्टम की जरूरत

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रामगढ़ कैंट, झारखंड : बुधवार से शुरू हुई तेज बारिश के बाद रविवार, 27 सितंबर को रामगढ़ के लोगों को राहत मिली। सुबह कुछ समय तक कुहासा छाया रहा, लेकिन इसके बाद धूप निकलने से मौसम साफ हुआ और आम जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होता नजर आया। लगातार चार दिनों तक हुई बारिश ने हालांकि शहर की जल निकासी व्यवस्था की स्थिति को एक बार फिर सामने ला दिया।

बारिश के दौरान रामगढ़ शहर के लगभग हर वार्ड में जलजमाव की समस्या देखने को मिली। कई मोहल्लों में पानी घरों तक पहुंच गया, जबकि सड़कों और गलियों में जलजमाव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश थमने के बाद स्थिति में सुधार जरूर हुआ, लेकिन इस दौरान सामने आई समस्या ने शहर के लिए एक बड़े और स्थायी ड्रेनेज सिस्टम की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है।

पेवर ब्लॉक और नालियों के बाद अब जल निकासी सबसे बड़ी जरूरत

रामगढ़ छावनी क्षेत्र के सभी आठ वार्डों में हाल के वर्षों में पेवर ब्लॉक सड़क और नाली निर्माण के कई कार्य कराए गए हैं। इन कार्यों को शहर के विकास से जुड़े प्रमुख कार्यों के रूप में देखा गया। हालांकि लगातार बारिश के दौरान जलजमाव की स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सड़क निर्माण के साथ शहर की जल निकासी व्यवस्था को कितनी प्राथमिकता दी गई।

शहर की जल निकासी व्यवस्था आज भी कई दशक पुरानी नालियों पर काफी हद तक निर्भर है। समय-समय पर इन नालियों की मरम्मत और ऊंचाई बढ़ाने का काम किया गया, लेकिन कई स्थानों पर नालियों की चौड़ाई और पानी वहन करने की क्षमता में अपेक्षित विस्तार नहीं हुआ। परिणामस्वरूप तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होती है और जलजमाव की स्थिति पैदा हो जाती है।

नालियों की सफाई और निकासी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

बारिश के दौरान कई नालियों में कचरा जमा होने और पानी के प्रवाह में बाधा की स्थिति भी सामने आती है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में नालियों की नियमित और प्रभावी सफाई के साथ-साथ उनके अंतिम निकास बिंदुओं की भी समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

सिर्फ नालियों की ऊपरी सफाई या पुराने ढांचे की मरम्मत से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं होगा। इसके लिए शहर की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक जल प्रवाह, मुख्य नालों और छोटे नालों को जोड़ते हुए एक समग्र ड्रेनेज प्लान तैयार करने की जरूरत है।

डीएमएफटी फंड से स्थायी समाधान की उम्मीद

रामगढ़ जिले में डीएमएफटी सहित विभिन्न सरकारी मदों से विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में शहर की प्राथमिक जरूरतों को देखते हुए जल निकासी व्यवस्था को भी प्रमुखता देने की मांग उठ रही है।

शहर के अनेक हिस्सों में पेवर ब्लॉक सड़क का निर्माण हो चुका है। ऐसे में अब उपलब्ध संसाधनों को सड़क निर्माण के साथ-साथ उन बुनियादी ढांचागत जरूरतों पर खर्च करने की आवश्यकता है, जिनका सीधा संबंध आम लोगों के दैनिक जीवन और बारिश के दौरान सुरक्षा से है।

एकमुश्त राशि उपलब्ध कराकर शहर का विस्तृत ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया जाए और चरणबद्ध तरीके से बड़े नालों, लिंक ड्रेनेज, आउटलेट तथा जल निकासी के अंतिम बिंदुओं का निर्माण किया जाए तो हर साल बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

दामोदर को स्वच्छ करने की योजना के साथ शहर की ड्रेनेज व्यवस्था भी जरूरी

रामगढ़ में दामोदर नदी को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी कराया जा रहा है। इस परियोजना की कार्य एजेंसी हुडको है। सीवरेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था नदी में गंदे पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके साथ शहर के भीतर जल निकासी और सीवरेज नेटवर्क को भी व्यवस्थित करना जरूरी है।

यदि शहर में नालियों और ड्रेनेज नेटवर्क का विस्तार नहीं किया गया तो तेज बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या बनी रह सकती है। इसलिए सीवरेज ट्रीटमेंट और शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को एक-दूसरे से जोड़कर दीर्घकालिक योजना तैयार करने की जरूरत है।

छोटे-छोटे कार्यों से आगे बढ़कर बने दीर्घकालिक योजना

रामगढ़ जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में अब छोटे-छोटे मरम्मत कार्यों के बजाय दीर्घकालिक आधारभूत संरचना पर ध्यान देने की जरूरत है। हर वर्ष बारिश के बाद जलजमाव की समस्या सामने आने के बाद अस्थायी समाधान करने के बजाय पूरे शहर की जल निकासी व्यवस्था का तकनीकी सर्वे कराया जा सकता है।

जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के स्तर पर भी इस मुद्दे को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। डीएमएफटी अथवा अन्य सरकारी योजनाओं से आवश्यक राशि उपलब्ध कराकर विशेषज्ञ एजेंसी के माध्यम से शहर का ड्रेनेज प्लान तैयार कराया जाए तो भविष्य में होने वाले विकास कार्यों को भी उसी योजना के अनुरूप आगे बढ़ाया जा सकता है।

चार दिनों की बारिश के बाद रविवार को भले ही रामगढ़ के लोगों ने राहत की सांस ली हो, लेकिन इस बारिश ने शहर के सामने एक स्पष्ट चुनौती छोड़ दी है। अब सवाल सिर्फ बारिश से राहत का नहीं, बल्कि बारिश के पानी को समय पर और सुरक्षित तरीके से शहर से बाहर निकालने के स्थायी इंतजाम का है। आने वाले समय में रामगढ़ के लिए व्यापक और वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम एक बुनियादी जरूरत बनता जा रहा है।