पतरातू में चाय पी रहे दो युवकों को लगी गोली, सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार

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रामगढ़ जिला के पतरातू में पीवीयूएनएल पावर प्लांट के मटेरियल स्टॉक यार्ड के पास फायरिंग में दो युवक घायल हो गये. पुलिस ने आरोपी सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार कर बंदूक और गोलियां जब्त की हैं.

पतरातू ( रामगढ ). झारखंड : पीवीयूएनएल पावर प्लांट के लिए बीएचईएल के अधीन संचालित 42 एकड़ में फैले मटेरियल स्टॉक यार्ड के समीप सुरक्षा गार्ड की फायरिंग में दो युवक घायल हो गये. घटना 19 अक्टूबर 2026 सोमवार की देर शाम खैरा मांझी रोड स्थित मैक्स हॉस्पिटल के सामने हुई. छर्रे लगने से जयनगर निवासी महताब आलम, पिता ईयासीन अंसारी और जानिसार आलम, पिता मो मुख्तार आलम घायल हो गये. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गयी. पुलिस ने फायरिंग के आरोपी सुरक्षा गार्ड वीरेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया है.

नाश्ता कर रहे युवकों को लगी गोली

जानकारी के अनुसार, दोनों युवक सड़क किनारे एक होटल में बैठकर चाय-नाश्ता कर रहे थे. इसी दौरान स्टॉक यार्ड के पास गोली चली, जिसकी चपेट में आकर दोनों घायल हो गये. अचानक हुई फायरिंग से आसपास के लोगों में दहशत फैल गयी. घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है. लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक स्थान के समीप गोली चलने को लेकर सवाल उठाये हैं.

50-60 संदिग्धों के घुसने पर फायरिंग का दावा

सुरक्षा गार्ड के अनुसार, स्टॉक यार्ड में 50 से 60 संदिग्ध लोगों के घुसने की सूचना मिली थी. दावा है कि यार्ड में चोरी की नीयत से घुसे लोगों को भगाने के लिए हवाई फायरिंग की गयी. गार्डों का कहना है कि संदिग्धों की ओर से भी चार-पांच राउंड गोलियां चलायी गयी थीं, जिसके बाद जवाब में हवाई फायरिंग की गयी.

हालांकि, हवाई फायरिंग के दावे के बीच सड़क किनारे चाय पी रहे दोनों युवक कैसे गोली की चपेट में आये, यह जांच का अहम बिंदु है.

आरोपी गिरफ्तार, बंदूक और गोलियां जब्त

घटना की सूचना मिलते ही पतरातू पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की. पुलिस ने फायरिंग के आरोप में सुरक्षा गार्ड वीरेंद्र यादव, पिता रामाशीष यादव, निवासी कोतो, प्रखंड पतरातू, को गिरफ्तार कर लिया. मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया. पुलिस ने गार्ड के पास से बंदूक और गोलियां भी जब्त की हैं.

पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बताया जाता है कि स्टॉक यार्ड की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएचईएल के अधीन कार्यरत मेसर्स मनोज कुमार सिक्योरिटी एजेंसी के पास है. जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और दोनों युवक गोली की चपेट में कैसे आये