रामगढ़ के सुभाष चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर 101 दिनों तक पुष्प अर्पित करेंगे, अवैध खनन रोकने और भ्रष्टाचार की जांच की उठाई मांग
रामगढ़ कैंट, झारखंड : झारखंड की मौजूदा स्थिति और राज्य में व्याप्त बदहाली से व्यथित होकर राम कुमार कश्यप ने रामगढ़ के सुभाष चौक स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आदमकद प्रतिमा के चरणों में लगातार 101 दिनों तक पुष्प अर्पित कर सत्याग्रह करने का संकल्प लिया है। उनके इस संकल्प का सोमवार को चौथा दिन रहा। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने झारखंड की आर्थिक स्थिति, गरीबों की समस्याओं, कथित भ्रष्टाचार और खनिज संपदा की लूट को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।
राम कुमार कश्यप ने कहा कि झारखंड आज ऐसे गंभीर संकट से गुजर रहा है, जिसमें राज्य के अस्तित्व और उसकी मूल भावना के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस राज्य की धरती के भीतर कोयला, लोहा, यूरेनियम और अन्य बहुमूल्य खनिजों का विशाल भंडार है, उसे विकास और समृद्धि के मामले में अग्रणी होना चाहिए था। लेकिन उनके अनुसार, राज्य की बड़ी आबादी आज भी गरीबी और बदहाली से जूझ रही है।
उन्होंने कहा कि गरीब, मजदूर और आदिवासी परिवार दिन-रात मेहनत करने के बावजूद दो वक्त की रोटी, कपड़े और पक्के मकान जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दूसरी ओर, उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के जीवनस्तर में तेजी से हो रहे बदलाव पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
अवैध खनन और तस्करी रोकने की मांग
राम कुमार कश्यप ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट नेताओं, अनियंत्रित व्यापारियों और लापरवाह अधिकारियों की मिलीभगत से राज्य की प्राकृतिक संपदा का दोहन हो रहा है। उन्होंने कोयला, लोहा, बॉक्साइट और वन संपदा के अवैध खनन एवं तस्करी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों से होने वाली आय पर सबसे पहला अधिकार यहां के गरीब, शोषित और मूलवासी नागरिकों का होना चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों का लाभ राज्य के आम लोगों तक पहुंचना चाहिए, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार हो सके।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की संपत्ति की जांच की मांग
राम कुमार कश्यप ने रातों-रात अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की संपत्तियों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य की खनिज संपदा और राजस्व का इस्तेमाल जनकल्याण के लिए होना चाहिए तथा भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
उन्होंने अपने 101 दिवसीय संकल्प के माध्यम से झारखंड की समस्याओं को सामने लाने और राज्य के हित में आवाज उठाने की बात कही। उनका कहना है कि राज्य की प्राकृतिक संपदा का लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए और गरीबों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।