स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर लगेगी लगाम, रामगढ़ में चलेगा जांच अभियान

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उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में एनकॉर्ड की बैठक, दवा दुकानों की जांच से लेकर नशा मुक्ति केंद्र के उद्घाटन तक के निर्देश

रामगढ़, झारखंड :  जिले में नशे के बढ़ते खतरे पर अंकुश लगाने, युवाओं को नशे की लत से बचाने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान तेज करने का निर्णय लिया है। गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत की उपस्थिति में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन समिति (एनकॉर्ड) की बैठक हुई। इसमें नशा मुक्ति अभियान की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों को कई आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक में उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों को सभी विद्यालयों के 100 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री के विरुद्ध व्यापक जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। जांच के दौरान दोषी पाए जाने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया।

स्कूलों में चलेंगे नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम

उपायुक्त ने जिले के सभी विद्यालयों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर काम करना होगा। इसके लिए रोस्टर तैयार कर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

सदर अस्पताल में खुलेगा नशा मुक्ति केंद्र

बैठक में सदर अस्पताल रामगढ़ परिसर में नशा मुक्ति केंद्र शुरू करने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को केंद्र का उद्घाटन जल्द से जल्द सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

इसके अलावा सामान्य शाखा के प्रभारी पदाधिकारी को नवंबर महीने में एक सप्ताह तक व्यापक नशा मुक्ति अभियान चलाने और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया।

दवा दुकानों के स्टॉक और बिक्री पर रहेगी नजर

नशीले पदार्थों के अवैध इस्तेमाल और कारोबार पर रोक लगाने के लिए उपायुक्त ने जिले की दवा दुकानों में योजनाबद्ध तरीके से सघन जांच अभियान चलाने को कहा। विशेष रूप से ऐसी दवाओं की बिक्री और भंडार पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, जिनका इस्तेमाल नशे के लिए किया जा सकता है।

संबंधित अधिकारियों को दवाओं की बिक्री, उपलब्ध भंडार और अन्य आवश्यक विवरणों से संबंधित प्रतिवेदन नियमित रूप से जिला स्तर पर उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी और रोशनी की व्यवस्था

बैठक में जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर रात के समय युवाओं और असामाजिक तत्वों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे स्थानों की पहचान कर नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।

आवश्यकता के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध जांच अभियान चलाकर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश

उपायुक्त ऋतुराज ने जिले को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए सभी संबंधित विभागों को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने जागरूकता कार्यक्रमों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार अभियान संचालित करने पर जोर दिया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत सहित जिला शिक्षा अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।