रामगढ़, झारखंड: अनाथ, निराश्रित और असहाय बच्चों के जीवन में आशा की किरण जगाने के उद्देश्य से साथी अभियान की शुरुआत रामगढ़ में ज़ोरशोर से की गई। गुरुवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में इस अभियान को लेकर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसका संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संजय कुमार द्वारा किया गया।
यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देशानुसार पूरे देश में 26 मई से 26 जून 2025 तक चलाया जाएगा। इस एक महीने के विशेष सघन अभियान के दौरान अनाथ बच्चों, एकल अभिभावकों के बच्चों, और अन्य कमजोर वर्ग के बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
रामगढ़ में अभियान की सफलता सुनिश्चित करने हेतु ‘साथी जिला समिति’ का गठन किया गया है। समिति के अध्यक्ष के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अनिल कुमार को नामित किया गया है। समिति में महिला एवं बाल विकास पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, आधार पंजीकरण पदाधिकारी, बाल गृहों के प्रतिनिधि, लीगल एंड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता और पारा विधिक स्वयंसेवक (PLVs) को शामिल किया गया है।
यह अभियान असहाय बच्चों के लिए सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की ओर ले जाने का सेतु बनने जा रहा है।