रामगढ़, झारखंड: मंगलवार 17 जून की रात से शुरू हुई तेज़ बारिश ने रामगढ़ जिले में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। हालांकि शुक्रवार 20 जून को दोपहर दो बजे के बाद बारिश थमने से लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। लेकिन इन तीन दिनों में ज़िले भर में जलभराव, पेड़ गिरने, विद्युत आपूर्ति बाधित होने और कोयला खदानों में जलप्रवेश जैसे गंभीर हालात उत्पन्न हुए।
तीन दिनों में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा:
17-18 जून: मंगलवार रात से बुधवार सुबह 10 बजे तक – 34 मिमी वर्षा
18-19 जून: बुधवार सुबह 10 बजे से गुरुवार सुबह 10 बजे तक – 110 मिमी वर्षा
19-20 जून: गुरुवार सुबह 10 बजे से शुक्रवार सुबह 10 बजे तक – 142.6 मिमी वर्षा
शुक्रवार को सुबह 10 बजे के बाद की बारिश का रिकॉर्ड अभी उपलब्ध नहीं है।
निचले इलाकों में पानी का प्रवेश
लगातार बारिश के चलते रामगढ़ शहर के कई निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया। नगर क्षेत्र के बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रही, लेकिन शुक्रवार संध्या को बारिश थमने पर कुछ गतिविधियाँ फिर से दिखने लगीं। दामोदर पुल पर लोगों को वीडियो बनाते और सेल्फी लेते देखा गया।
कोयला उत्पादन पर असर और बिजली संकट
बारिश का प्रभाव जिले की कोयला खदानों पर भी पड़ा, जहां पानी भर जाने के कारण उत्पादन कार्य को रोकना पड़ा। वहीं, कई क्षेत्रों में अनियमित विद्युत आपूर्ति ने आम जनजीवन को और भी कठिन बना दिया।
रजरप्पा मंदिर की सीढ़ियाँ पानी में डूबी
रजरप्पा क्षेत्र में गंभीर हालात
रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर तक पानी पहुंच गया था। बलि स्थल डूब गया और मंदिर की सीढ़ियों तक जलभराव हो गया। हालांकि शुक्रवार को दामोदर नदी के जलस्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे भैरवी नदी का बहाव सामान्य हो सका। इससे पहले गुरुवार को दामोदर का जलस्तर इतना बढ़ गया था कि भैरवी नदी का प्रवाह रुक गया था और आसपास के क्षेत्र में पानी फैल गया था।
सुखद पक्ष
सभी संकटों के बीच राहत की बात यह रही कि जिले भर से किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम लगातार सतर्क बनी हुई हैं।