सांसद मनीष जायसवाल ने रामगढ़ एसपी से मिलकर उन्हें सौंपा ज्ञापन,   न्याय की मांग की

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रामगढ़, झारखंड : जिले के भुरकुंडा के समाजसेवी राजेश सिन्हा की गिरफ्तारी के बाद भाजपा का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को प्रेस-वार्ता के बाद सांसद मनीष जायसवाल ने रामगढ़ के भाजपा नेताओं और समर्थकों के साथ रामगढ़ थाना पहुंचकर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में सांसद ने पटेल नगर, भुरकुंडा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा को रामगढ़ पुलिस द्वारा नाजायाज रूप से गिरफ्तार कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है कि बीचा, भुरकुंडा की एक आदिवासी महिला के साथ नौकरी का झांसा देकर गुड्डू और आफताब अंसारी ने यौन शोषण किया और उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। सांसद जायसवाल ने बताया कि 23 जुलाई को पीड़िता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दोनों आरोपियों को पकड़कर रामगढ़ पुलिस के हवाले किया था। इसके बाद 24 जुलाई को आरोपी रामगढ़ थाने से फरार हो गए और 26 जुलाई को उनमें से एक आफताब अंसारी का शव दामोदर नदी से बरामद हुआ। इस घटना के बाद रामगढ़ के थाना प्रभारी पी.के.सिंह को निलंबित कर दिया गया।

सांसद ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के दबाव में आकर 26 जुलाई की देर रात को हिंदू संगठन के कार्यकर्ता सह सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा को बिना किसी कारण गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि इस मामले में उनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई दोष नहीं है। उन्होंने कहा कि राजेश सिन्हा को 26 जुलाई की रात में गिरफ्तार किया गया, लेकिन उनके खिलाफ कांड संख्या 199/25 अगले दिन 27 जुलाई को दर्ज किया गया।

सांसद मनीष जायसवाल ने ज्ञापन में इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि समाज में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति प्रशासन का सहयोग करने या अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने में संकोच करेगा।

सांसद मनीष जायसवाल ने पुलिस अधीक्षक अजय कुमार से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और निर्दोष सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा को न्याय दिलाने की मांग की है।