अजरबैजान से प्रत्यर्पित गैंगस्टर मयंक सिंह रांची लाया गया

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 एटीएस मुख्यालय में पूछताछ जारी

रांची  (झारखंड) : अजरबैजान के बाकू में कैद खूंखार गैंगस्टर मयंक सिंह को भारतीय आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) की टीम रांची लेकर पहुंची। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से सुरक्षा घेरे में उसे सीधे एटीएस मुख्यालय ले जाया गया, जहां वरीय अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा और फिर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में रखा जाएगा।

देर रात बाकू एयरपोर्ट से हुई प्रत्यर्पण की कार्रवाई

 की टीम बाकू एयरपोर्ट पर ही मयंक सिंह के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की। टीम को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई थी, इसलिए देर रात एयरपोर्ट परिसर में ही औपचारिकताएं पूरी हुईं। इसके बाद टीम मयंक को लेकर मुंबई पहुंची और अहले सुबह उसे रांची लाया गया।

झारखंड से पंजाब तक रहा आतंक

मयंक सिंह को इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस सूची में डाला गया था। वह झारखंड का पहला ऐसा गैंगस्टर बना जिसे विदेश से गिरफ्तार कर भारत लाया गया। अपराध की दुनिया में उसका लंबा इतिहास रहा है। पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा और फिर झारखंड के कुख्यात अपराधी अमन साहू (मृत) के साथ मिलकर अपराध जगत में दहशत फैलाई।

राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी कई संगीन वारदातों में उसकी संलिप्तता रही।

इंटरनेट कॉल से कारोबारी से लेवी वसूली

देश से बाहर रहने के बावजूद मयंक सिंह ने भारत में अपनी सक्रियता बनाए रखी।

इंटरनेट कॉल के जरिये कारोबारियों को धमकाकर पैसे ऐंठता था।

पुलिस को खबर दिए बिना कारोबारी उसका पैसा उसके गुर्गों तक पहुंचाते थे।

सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें साझा कर वह अपनी ताकत का प्रदर्शन करता था।