रामगढ़, झारखंड: रामगढ़ का प्रशासन जिला के फैक्ट्री मालिकों के हाथ का कठपुतली बना हुआ है। प्रशासन का कोई भी निर्णय पूंजीपतियों व फैक्ट्री मालिकों के हित में होता है। रामगढ़ के प्रशासन का ध्यान रामगढ़ की जनता का सुविधा उपलब्ध कराने की ओर नहीं है। उक्त बाते कांग्रेस के जिला महासचिव उपेंद्र वर्मा ने कही है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ के एसडीओ ने 29 अगस्त को एक आदेश जारी किया था। जिसके तहत नया मोड़ फोर लेन से पुराने एनएच 33 के अटल चौक से पटेल चौक तक प्रातः छह बजे से रात के नौ बजे तक भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दिया गया था।
लेकिन 16 सितंबर को अपने आदेश में फेर बदल करते हुये एसडीओ रामगढ़ ने फोर लेन अटल चौक से नयीसराय बाबू वीर कुंवर सिंह चौक तक भारी वाहनों के आवागम की इजाजत दे दी। नयीसराय चौक से पटेल चौक तक भारी वाहनों के लिए नो इंट्री रखा गया। उपेंद्र वर्मा ने कहा कि आम जनता की सुविधा के लिए नो इंट्री के क्षेत्र में फेर बदल नहीं किया गया। बल्कि मरार औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री बिहार फाउंड्री को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। इस फैक्ट्री में बड़ी संख्या में ट्रिप ट्रेलरों का आवागमन होता है। प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में भारी वाहन इस फैक्ट्री में आते हैं। उसके वाहनों को सुविधा देने के लिए नो इंटी के क्षे़त्र मे बदलाव किया गया है।
कांग्रेस के जिला महासचिव ने कहा कि फोर लेन अटल चौक से नयीसराय तक कई जगह भारी भीड़ दिन में सड़कों पर रहती है। रांची रोड में सड़क किनारे सब्जी बाजार लगता है। इस सड़क पर कई जगह दुर्गा पूजा हो रहे हैं तथा पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। नयीसराय चौक से फैक्ट्री जाने वाला मार्ग भी काफी घना है। लेकिन इन सबों को नजर अंदाज कर एक फैक्ट्री को फायदा पहुंचाने के लिए नो इंट्री क्षेत्र में फेरबदल किया गया है। उपेंद्र वर्मा ने एसडीओ व जिला प्रशासन से मांग किया है कि फोर लेन अटल चौक से पटेल चौक तक पूरी तरह से प्रातः छह बजे से रात नो बजे तक नो इंट्री क्षेत्र घोषित किया जाय। ताकि आम जनता को राहत मिले।