उप निदेशक खेल राजेश कुमार महतो ने टेम्पल ऑफ वॉरियर्स का दौरा किया

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राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप 2025 के लिए कराटेकाओं को प्रेरित किया

रामगढ़, झारखंड : रामगढ़ स्थित टेम्पल ऑफ वॉरियर्स में एक  कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें उप निदेशक खेल, राजेश कुमार महतो ने कराटे खिलाड़ियों को आगामी राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप 2025, जो उत्तराखंड में आयोजित होने वाली है, के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को खेल में केरियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया और कराटे के महत्व पर प्रकाश डाला।
उप निदेशक ने खिलाड़ियों को बताया कि कराटे न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूती प्रदान करता है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व जैसे गुणों को भी विकसित करता है, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी हैं। उन्होंने शिक्षा और खेल के बीच संतुलन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कराटे के नियमित अभ्यास से खिलाड़ी न केवल अपनी शारीरिक क्षमता को बढ़ा सकते हैं, बल्कि यह उनके करियर को आकार देने में भी मदद करता है, चाहे वह खेल के क्षेत्र में हो या अन्य पेशेवर क्षेत्रों में।
इस अवसर पर उप निदेशक ने सेन्सेई शशि पांडेय की प्रशंसा की, जिन्होंने अथक प्रयासों से कई कराटेकाओं को प्रशिक्षित किया है। सेन्सेई शशि पांडेय की मेहनत और समर्पण की बदौलत रामगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। उप निदेशक ने खिलाड़ियों को आश्वासन दिया कि यदि वे राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतते हैं, तो उन्हें सरकार की ओर से छात्रवृत्ति और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए चयनित खिलाड़ी जैसे काशवी मेहता , सार्थक पांडेय, रक्षा रानी, सलोनी कुमारी , शालिनी श्री, तेजस दीप सिंह, आदित्य सिन्हा, आर्या प्रगति, प्रेरणा क्री आदि उपस्थित थे। सेन्सेई शशि पांडेय ने उप निदेशक खेल का हार्दिक स्वागत किया और उनके प्रेरणादायक शब्दों के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन झारखंड प्रदेश के उप महासचिव और रामगढ़ जिला बुद्धिजीवी मंच के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार कश्यप भी उपस्थित थे। खिलाड़ियों के माता-पिता भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने सभी कराटेकाओं को राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए शुभकामनाएं दीं।
यह कार्यक्रम न केवल खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि खेल और शिक्षा के संतुलन के साथ-साथ उचित मार्गदर्शन और समर्थन से युवा अपनी प्रतिभा को निखारकर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।