रामगढ, झारखंड : अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झंडा चौक स्थित शांतिधारा बुक ट्रस्ट के कार्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस अवसर पर श्रीमद्भागवत गीता का पूजन किया गया। शांतिधारा बुक ट्रस्ट के चेयरमैन सुरेश पी अग्रवाल ने कहा कि गीता योग ग्रंथ है । इसमें भक्ति योग, ज्ञान योग तथा कर्म योग पर भगवान श्री कृष्ण ने विस्तृत प्रवचन दिया है । उन्होंने साधु संतों के लिए भक्ति योग को ज्ञान योग से श्रेष्ठ बताया है॥ गृहस्थों के लिए कर्म योग को सर्वोत्तम बताया गया है । सत्कर्म भी भक्ति है । आगे उन्होंने कहा कि गीता वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को साकार करती है॥गीता का संदेश पूरे विश्व में नई ऊर्जा भरने का काम कर रही है । कुरुक्षेत्र की पावन भूमि से उठी इस पवित्र चेतना की गूंज पूरे विश्व में फैल रही है । गीता पूरी दुनिया को अध्यात्म और शांति का रास्ता दिखा रही है ।अंत में उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के सभी श्रद्धालुओं को अपने अपने घर में गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित श्रीमद्भागवत गीता की एक एक प्रति अवश्य रखनी चाहिए ।