मॉरीशस हिंदी साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित हिंदी गौरव सम्मान से डॉ शारदा प्रसाद सम्मानित

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डॉ शारदा प्रसाद को सम्मानित करते अतिथि

रामगढ़, झारखंड : आर्य सभा, मॉरीशस, हिंदी साहित्य अकादमी, मॉरीशस एवं अंतर्राष्ट्रीय अवधि अकादमी, भारत के संयुक्त तत्वावधान में ऋषि दयानंद इंस्टिट्यूट आर्य सभा के सभागार में एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता  मॉरीशस साहित्य अकादमी मॉरीशस केअध्यक्ष प्रो डॉ हेमराज सुंदर,  ने की। मुख्य अतिथि भारत के डॉ एसपी सिंह, , विशिष्ट अतिथि अध्यक्ष ऋषि दयानंद इंस्टिट्यूट मॉरीशस डॉ शांति मोहाबीर  एवं  आर्य सभा मॉरीशस के डॉ. जयचंद लालबिहारी  थे।

सेमिनार का विषय महात्मा गांधी के कालजयी दृष्टिकोण की पुनर्कल्पना : 21वीं सदी के परिप्रेक्ष्य में था।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में

समीक्षक, कवयित्री एवं पूर्व प्राचार्या रामगढ़ महाविद्यालय रामगढ़ डॉ शारदा प्रसाद को हिंदी साहित्य अकादमी मॉरीशस द्वारा मॉरीशसीय लोक संस्कृति तथा हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित हिंदी गौरव सम्मान-2025 उनके साहित्य सेवा के महनीय कार्य हेतु प्रदान किया गया।

इसके साथ ही वाग्प्रवाह पत्रिका के 15 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “वाग्प्रवाह सम्मान- 2025” से भी डॉ शारदा प्रसाद को सम्मानित किया गया। पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. अनिल विश्वकर्मा ने उनके सुदीर्घ एकादमिक उन्नयन की मंगल कामनाएं प्रेषित कीं।

इस अवसर पर डॉ. शारदा ने अपने शोध पत्र ” महिला सशक्तिकरण और गांधीजी का सामान्य का दृष्टिकोण” विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी सदैव महिला सशक्तिकरण के पक्षधर रहे। स्वतंत्रता संग्राम में सवज्ञा आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन तथा अन्य आंदोलनों में उन्हें महत्वपूर्ण अग्रणी भूमिकाओं के द्वारा उनकी गरिमा को पुनः प्रतिष्ठापित किया। शैक्षिक, आर्थिक तथा सामाजिक उन्नयन के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहे।

उनकी इस उपलब्धि के लिए रामगढ़ एलुमनी एसोसिएशन के सदस्यों, पूर्व अध्यक्ष सुरेश पी अग्रवाल, सचिव प्रो प्रणीत, सुंदरलाल, डॉ सुनील अग्रवाल, भारत भूषण श्रीवास्तव, अखौरी कृष्ण बिहारी सिन्हा, डॉ उमा सेन गुप्ता, डॉ. अंजु शर्मा, प्रो. उत्तम कुमार, मनोज झा, रामगढ़ महिला साहित्य मंच की उपाध्यक्षा डॉ रजनी गुप्ता, सचिव सरोज सिंह, छाया कुमारी आदि मंच की समस्त सदस्याओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाइयां प्रेषित कीं।