दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पारंपरिक श्राद्ध कर्म को लेकर सुरक्षा व व्यवस्थाओं की चाक-चौबंद तैयारी

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नेमरा (रामगढ़), झारखंड : पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पारंपरिक श्राद्ध कर्म को लेकर नेमरा गांव में व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साथ ही शुक्रवार 15 अगस्त 2025 को दशकर्म लग रस्म पूरी की  गयी । जिसमे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने बाल छिलवाये। साथ ही अन्य परिजन व गोतिया के लोगों ने भी दशकर्म में अपने बाल छिलवाये। आयोजन को सुचारू और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन, परिजनों और ग्रामीणों की ओर से व्यापक स्तर पर व्यवस्था की गई है। पूरे गांव को साफ-सुथरा कर सजाया गया है तथा पारंपरिक रीति-रिवाज़ों एवं स्थानीय मान्यताओं के अनुरूप सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।

श्रद्धालुओं और आगंतुकों की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था, पेयजल, भोजन, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और ठहरने की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई है। गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

लोगों के स्मूथ आवागमन के लिए 300 से अधिक ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है, जो पार्किंग स्थल से आयोजन स्थल तक लोगों को पहुंचाएंगे। कुल 3 बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं और प्रत्येक पार्किंग स्थल के पास बायो-टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। पैदल आने वाले लोगों के लिए छायादार शेड, विश्राम स्थल और धूप/बारिश से बचाव हेतु विशेष टेंट लगाए गए हैं।

भोजन व्यवस्था के लिए 3 विशाल पंडाल स्थापित किए गए हैं, जहां बड़े पैमाने पर लोगों को बैठाकर भोजन कराया जाएगा। पंडालों में स्थानीय व्यंजनों के साथ पारंपरिक प्रसाद परोसा जाएगा। स्वच्छता और बेहतर प्रबंधन के लिए स्वयंसेवक एवं रसोइयों की टीम तैनात रहेगी।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

श्राद्ध कर्म के दौरान कानून व्यवस्था चाक-चौबंद रहे, इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की है। धूमकुड़िया में एक अस्थायी पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 10 आईपीएस अधिकारी, 60 डीएसपी, 65 इंस्पेक्टर और लगभग 2500 से अधिक पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और भीड़ नियंत्रण हेतु प्रशासन व स्वयंसेवक 24 घंटे सक्रिय रहेंगे।

गुरुजी के जीवन संघर्ष पर विशेष प्रदर्शनी

श्राद्ध कर्म के अवसर पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन संघर्ष, उनके राजनीतिक योगदान, आदिवासी समाज के उत्थान में उनकी भूमिका और जनसेवा को दर्शाने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी एवं स्मृति दीर्घा भी तैयार की गई है। इसमें गुरुजी के जीवन से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरें, ऐतिहासिक दस्तावेज़ और उनके कार्यकाल की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।