रामगढ़ (झारखंड) : झारखंड पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी अपराधी का सफल अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण किया गया है। अजरबैजान से प्रत्यर्पित कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा पिता मंगत राम को शनिवार सुबह रांची लाया गया। एयरपोर्ट से उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बख्तरबंद गाड़ी से एटीएस मुख्यालय ले जाया गया, जहां प्रारंभिक पूछताछ के बाद रामगढ़ की अदालत में पेश किया गया। रामगढ कोर्ट भी मंयक सिंह उर्फ सुनील मीणा को बंदरबख़्त वहां पर बैठा कर कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, मयंक सिंह पर रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र में दर्ज एक कांड में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इसी मामले के आधार पर अजरबैजान की बाकू अदालत में मुकदमा चला और वहां से उसे भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, मयंक सिंह को पिछले साल अक्टूबर में अजरबैजान की राजधानी बाकू से गिरफ्तार किया गया था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ झारखंड, राजस्थान, पंजाब समेत कई राज्यों में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। बताया जाता है कि वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह और मारे गए कुख्यात गैंगस्टर अमन साव के नेटवर्क से भी जुड़ा रहा है।
रिमांड की मांग खारिज, जेल भेजा गया
रामगढ़ कोर्ट में पेशी के दौरान एटीएस ने मयंक सिंह को रिमांड पर लेने की अर्जी दी थी, लेकिन अदालत ने उसे मंजूरी नहीं दी। अदालत के आदेश पर मयंक सिंह को तत्काल रामगढ़ उपकारा (जेल) भेज दिया गया।
बड़ी सफलता मानी जा रही कार्रवाई
एटीएस और झारखंड पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मयंक सिंह का प्रत्यर्पण एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। उसकी गिरफ्तारी और भारत लाए जाने से कई पुराने मामलों की जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।