हजारीबाग में नक्सली तांडव : चरही के तापीन नॉर्थ कोलियरी में वाहनों को आग के हवाले, करोड़ों का नुकसान

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चरही (हजारीबाग), झारखंड : झारखंड में प्रतिबंधित नक्सली संगठन एक बार फिर सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं। हजारीबाग जिला नक्सलियों और अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। ताजा मामला चरही थाना क्षेत्र के तापीन नॉर्थ कोल कंपनी से जुड़ा है, जहां 23-24 अगस्त की रात प्रतिबंधित संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के नक्सलियों ने जमकर उत्पात मचाया।

सूत्रों के अनुसार, टीपीसी के सदस्यों ने आउटसोर्सिंग कार्य में लगी आरकेएस आउटसोर्सिंग कंपनी के करीब आधा दर्जन कीमती भारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में तीन महंगी पोकलेन मशीनें और हाइवा जलकर राख हो गईं। इनकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।

संगठन ने जारी किया फरमान

घटना को अंजाम देने के बाद नक्सलियों ने मौके पर एक पर्चा छोड़ा। इसमें संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक कंपनी और संगठन के बीच बातचीत नहीं होती, तब तक कोलियरी का सारा काम ठप रहेगा। आदेश की अवहेलना करने पर इससे भी बड़ी कार्रवाई करने की धमकी दी गई है।

पर्चे में “गुरुदेव जी” के नाम से लिखा गया है कि तापीन नॉर्थ कोल कंपनी में काम करने वाली सभी निजी कंपनियां—आरकेएस, आरटीसी, शिव इंटरप्राइजेज समेत जीएम, पीओ, मुंशी, डीओ होल्डर, ट्रांसपोर्टर, मालिक और पेलोडर मालिक अपना काम तुरंत बंद करें। आदेश न मानने वालों को अगली बार सिर्फ संपत्ति नहीं बल्कि जान से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

मजदूरों और कर्मियों में दहशत

इस घटना के बाद कोलियरी क्षेत्र में कार्यरत मजदूर, अधिकारी और कर्मचारी दहशत में हैं। पुलिस को घटना की जानकारी मिलते ही चरही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि घटना में शामिल नक्सलियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

क्षेत्र से बड़े पैमाने पर चल रहा है कोयले का अवैध कारोबार

 क्षेत्र में चर्चा है कि हजारीबाग जिला के चरही थाना क्षेत्र से कोयला का अवैध कारोबार जोर-शोर से चल रहा है। कोयला माफिया यहां पर डिपो बनाकर कोयले का अवैध कारोबार कर रहे हैं l बताया जाता है कि अवैध कोयले का कारोबार पुलिस सरंक्षण में चलता है। जिसकी वजह से उक्त क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता कम हो जाती है।  जिसके कारण क्षेत्र के अपराधियों व प्रतिबंधित संगठनों के लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है ।