रामगढ जिला में खनन ने एक ओर लोगों को रोजगार दिया है, लेकिन इसके कारण प्रदूषण, स्वास्थ्य समस्याएँ और परंपरागत रोजगार (खेती, मछली पालन आदि) को नुकसान भी पहुँचा है
ग्रुप डिस्कशन में भाग लेते प्रतिभागी
रामगढ़, झारखंड : ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन (टीआरआइएफ ) द्वारा होटल सैनी, रामगढ़ के सभागार में गुरुवार 28 अगस्त 2025 को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डेवलपमेंट इंटेलिजेंस यूनिट ( डीआइयू) की रिपोर्ट समावेशी आर्थिक विविधीकरण – प्रभावित समुदायों के लिए अवसर को जारी किया गया। कार्यक्रम मुख्य उद्देश्य था यह विचार करना कि रामगढ़ जिला किस तरह खनन (माइनिंग) पर निर्भर अर्थव्यवस्था से निकलकर न्यायपूर्ण बदलावकी ओर बढ़ सकता है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
रिपोर्ट में बताया गया है कि रामगढ जिला में खनन ने एक ओर लोगों को रोजगार दिया है ।लेकिन इसके कारण प्रदूषण, स्वास्थ्य समस्याएँ और परंपरागत रोजगार (खेती, मछली पालन आदि) को नुकसान भी पहुँचा है। ज़रूरत है कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को अलग-अलग क्षेत्रों में फैलाया जाए ताकि युवाओं और महिलाओं को नए रोजगार के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम में विचार करने के बाद यह बातें सामने आयी कि न्यायपूर्ण बदलाव केवल आर्थिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और टिकाऊ विकास की प्रक्रिया भी है। इसके लिए मत्स्य पालन, डेयरी, स्वरोज़गार समूह , सौर ऊर्जाऔर कौशल प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाय।
कार्यक्रम में लिया गया निर्णय
सभी प्रतिभागियों ने माना कि न्यायपूर्ण संक्रमण तभी सफल होगा जब युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़े,योजनाओं को जमीन पर ईमानदारी से लागू किया जाए, संसाधनों का सही उपयोग हो, और सभी संस्थाएँ मिलकर साझा जिम्मेदारी निभाएँ।
शामिल संस्थाएँ
कार्यक्रम में डीआइसी रामगढ़, नीति आयोग, डीएसडब्ल्यूओ रामगढ़, एलडीएम, आरसेटी, पैन आइआइटी, डीसीपीयू, पिरामल फाउंडेशन, सपोर्ट, अग्रगति, ओपी जिंदल कम्यूनिटी कॉलेज, रामगढ़ कॉलेज, फ्रोसटीस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, अनुदीप फाउंडेशन, जेआइएस गोला पोलटेक्निक कॉलेज, जेएसएलपीएस व डब्लूआरआई के प्रतिनिधि शामिल हुये।