रामगढ, झारखंड : हिंदी पखवाड़ा के शुभ अवसर पर नागरी लिपि परिषद, मॉरीशस, naagril लिपि परिषद, झारखंड, सृजन मॉरीशस अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका, बुलंदी मॉरीशस, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (महिला कार्य) झारखंड और महिला साहित्य मंच, रामगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पखवाड़ा के उपलक्ष्य में हिंदी दिवस अंतर्राष्ट्रीय समारोह का आयोजन आभासी मंच पर किया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. हरीसिंह पाल, महामंत्री, नागरी लिपि परिषद ने की।
सर्वप्रथम मंच संचालक डॉ. शारदा प्रसाद ने देवी स्तुति या “देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता” के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आयोजक डॉ. सोमदत्त काशीनाथ, संयोजक, नागरी लिपि परिषद, मॉरीशस ने विषय प्रवर्तन कराया। इसके बाद श्रीमती संगीता मिश्रा, हिंदी शिक्षिका, सरस्वती विद्या मंदिर, रामगढ़, ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण चेन्नई की हिंदी शिक्षिका डॉ. आर. श्रीदेवी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मॉरीशस के आठ और भारत के छब्बीस बच्चों ने भाग लिया। गोपाल सिंह ने अपनी कविता ‘यह हिंदी प्यारी, विरासत यह हमारी’ सिमरन कुमारी ने ‘हिंदी हमारी शान है’, अंशिका रानी ने स्वरचित कविता ‘हिंदी है भारत की पहचान’ ओम कुमार ने ‘हमारी प्यारी हिंदी तू है ममता की छांव’, मॉरीशस की तेजल हेमराज ने ‘हिंदी हमारी शान है’ विहान जादू ने ‘एक छोटा सा बीज जमीन के अंदर था’, मिस्का वुजागीर ने ‘हिंदी से मेरा अभिमान जुड़ा’, त्रिवेशना देबी ने ‘हिंदी है देश की जान’, भारत की आन्या रिद्धि ने ‘स्वाभिमान है , हिंदी गौरव गान है हिंदी’, रुद्र कुमार तिवारी ने ‘हिंदी हो जन-जन की भाषा’, खुशी कुमारी ने ‘हिंदी है वह सूरज जो जग को रोशन करता’, अर्पित कुमार ने ‘हिंदुस्तान का गौरव हिंदी’, कृष्ण पोद्दार ने ‘हिंदी की बोली अनमोल’, शिवम कुमार ने ‘एक सूत्र में बांधे हिंदी’, नैतिक कुमार ‘हिंदी है मां की लोरी’, बादल कुमार ने ‘हिंदी की मधुर वाणी सच्चा ज्ञान संजोता’, सौरभ गुप्ता ने ‘हिंदी से जुड़ा देश का मान’, अनुराग शर्मा ने ‘हिंदी है हमारी जान राष्ट्र की प्यारी पहचान’, नंदनी कुमारी ‘हम सब की आशा हिंदी’, प्रणया पाल ने ‘एक हमारी दादी’, अनंत केसरी ने ‘जन-जन की भाषा हिंदी’ चाहत, तन्वी, कोमल, रोहित रतन, परिणीता सिंह, लावण्या राज, राजवीर सिंह, विजयश्री प्रसाद, पीयूष राज, करण कुमार, नैतिक, अनमोल अग्रवाल, मॉरीशस की श्रीया मिश्रा, स्मेरा ननकू, रश्मिका झग्रू इत्यादि बाल कवियों-कवयित्रियों ने अपनी-अपनी कविताएं सुना कर खूब वाहवाही बटोरीं।
कार्यक्रम में विशेष सानिध्य प्रो. (डॉ.) सविता सेंगर का रहा। विशिष्ट अतिथि डॉ. शैलेश शुक्ला ‘टेनी’, डॉ सुनील परीट, अतिथि वक्ता डॉ रजनी गुप्ता, उपाध्यक्ष महिला साहित्य मंच, डॉ. पीयूष रंजन, प्रो. (डॉ)राजशेखर, विशिष्ट वक्ता डॉ. अशोक अभिषेक, ना. लि. परिषद, प्रांत संयोजक, झारखंड, शि.सं.उ. न्यास, झारखंड, के पदाधिकारी श्री अमरकांत झा, डॉ. विजय कुमार सिंह. श्री महेंद्र सिंह, पद्मावती सिंह, आ. दिनेश महतो, आ. शैलेंद्र कुमार सिंह, मंजुला शर्मा, आशा जादू, रेनू चमन ने बच्चों को शुभाशीष दिए तथा उनका मार्गदर्शन किया एवं हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सोमनाथ काशीनाथ ने और कुशल मंच संचालन डॉ. शारदा प्रसाद ने किया किया।