झारखण्ड में माह सितंबर 2025 कई मामलो में अन्य महीनो की अपेक्षा वाहनो की खुदरा बिक्री अप्रत्याशित रही : गोविन्द पी मेवाड़

Spread the love

रामगढ, झारखंड :  झारखंड में सितंबर 2025 के दौरान वाहनों की खुदरा बिक्री में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है । पिछले वर्ष के सितंबर माह की तुलना में इस वर्ष 2025 के सितंबर माह में खुदरा वाहनों की बिक्री अच्छी उछाल के साथ 28.83 % बढ़कर 45453 ईकाई हो गई हैं। जबकि पिछले वर्ष 2024 के सितम्बर माह में मात्र 35282 इकाई थी| फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल एसोसिएशन ( फाडा ) झारखड़ चेप्टर के चेयरपर्सन गोविंद पी मेवाड़ ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया की झारखंड स्तर पर दो पहिया वाहन सितम्बर 25 में 34790 इकाई के साथ 32.42 % की वृद्धि हुई है । वही सितंबर 2024 में इसकी इकाई 26272 थी । तीन चक्का वाहन ने सितम्बर माह में 3002 इकाई के साथ 32.07 % की बढ़त बनाई है जबकि इसने सितम्बर 24 में मात्र 2273 इकाई की ही बिक्री दर्ज की थी | यात्री वाहन ने झारखंड में इस वर्ष सितम्बर माह में 23.93 % की बढ़त बनाते हुए 5127 इकाई की बिक्री दर्ज की है वहीं सितम्बर 24 में यह 4173 इकाई थी। सितंबर 2025 मे टैक्टर 16.85 % की वृद्धि के साथ 1290 इकाई की बिक्री दर्ज की है जबकि पिछले साल सितंबर 24 में ट्रैक्टर ने 1104 इकाई की बिक्री ही दर्ज की थी | इस दौरान भारी वर्षा के कारण वाणिज्यिक वाहनों और निर्माण उपकरणों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है । कमर्शियल वाहन ने सितम्बर 25 में 15.19 % की गिरावट के साथ मात्र 1161 इकाई बिक्री दर्ज की है वही सितंबर 24 में यह 1369 इकाई थी तथा निर्माण उपकरण ने 34.65% कीं गिरावट के साथ मात्र 83 इकाई की विक्री दर्ज की है वही सितंबर 24 में इसकी विक्री 127 इकाई थी ।

गौर करने की बात है कि प्रधानमंत्री द्वारा 22 सितंबर 25 से जीएसटी में दिए गए छूट के कारण वाहनो की बिक्री में भारी उछाल आया । पिछले वर्ष इसी नो दिनों की बिक्री की तुलना हम इस वर्ष के 9 दिनों से करते है तो पाते है की 2 पहिया ,3 पहिया, यात्री वाहन तथा ट्रेक्टर ने क्रमशः 90.21%,100.32%,39.68% तथा 12.22% की बहुत बड़ी वृद्धि विक्री में की है । वाहनो की इन 9 दिनों में कुल वृद्धि 79.63% हुईं जो ऐतिहासिक रही है ।साथ ही साथ सरकार द्वारा प्राप्त जीएसटी में भी बड़ी वृद्धि हुई है।

गोविन्द पी मेवाड़ ने कहा कि  यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का सीधा लाभ न केवल उपभोक्ताओं को मिला है, बल्कि इससे सरकार के राजस्व और देश के व्यवसायिक परिदृश्य में भी अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। यह भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है ।