राष्ट्रपति मुर्मू ने राफेल में भरी उड़ान, अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरते हुए बनीं फाइटर प्लेन राफेल में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति

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राफेल में उड़ान के बाद स्क्वार्डन लीडर शिवांगी सिंह के साथ राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु

 स्क्वॉड्रन लीडर शिवांगी सिंह संग तस्वीर आई सामने

अंबाला, पंजाब : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार सुबह अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से फाइटर जेट राफेल में उड़ान भरी। इस दौरान उनके साथ स्क्वॉड्रन लीडर शिवांगी सिंह भी मौजूद रहीं, जिनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

शिवांगी सिंह वही पायलट हैं, जिन्हें लेकर पाकिस्तान ने मई 2024 में “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान झूठा दावा किया था कि वे युद्धबंदी हैं और उनका विमान गिरा दिया गया है। भारत सरकार की एजेंसी PIB फैक्ट चेक ने 10 मई को इस दावे को पूरी तरह निराधार बताया था। शिवांगी उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली हैं और भारतीय वायुसेना की राफेल स्क्वॉड्रन से जुड़ी हैं।

40 मिनट की ऐतिहासिक उड़ान

राफेल विमान ने सुबह 11:10 बजे टेक ऑफ किया और 11:50 बजे लैंड किया। राष्ट्रपति के विमान को ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया, जबकि उनके पीछे एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह दूसरे राफेल से एस्कॉर्ट कर रहे थे। राष्ट्रपति मुर्मू ने उड़ान के बाद थम्स अप देकर अपने अनुभव को साझा किया।

इससे पहले, 7 अप्रैल 2023 को राष्ट्रपति मुर्मू ने असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। इस प्रकार वे भारतीय वायुसेना के दो फाइटर विमानों में उड़ान भरने वाली पहली राष्ट्रपति बन गई हैं।

एयरफोर्स स्टेशन पर सुरक्षा कड़ी

राष्ट्रपति के अंबाला दौरे के दौरान एयरफोर्स स्टेशन के आसपास ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया था। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही स्टेशन में प्रवेश की अनुमति दी गई, जबकि मोबाइल फोन ले जाने पर भी रोक थी।

राफेल की भारत यात्रा

भारत को राफेल की पहली खेप 27 जुलाई 2020 को फ्रांस से मिली थी। 10 सितंबर 2020 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की उपस्थिति में अंबाला एयरबेस पर औपचारिक इंडक्शन सेरेमनी हुई थी। इन विमानों को भारतीय वायुसेना की 17वीं स्क्वॉड्रन “गोल्डन एरोज़” में शामिल किया गया।

साभार: डीएएस दिल्ली