
यात्रा का किया गया पारंपरिक ढंग से स्वागत
रामगढ़, झारखंड : जस्ट ट्रांजिशन यात्रा का कारवां अपने पांचवें दिन रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड स्थित हेसागढ़ा पंचायत पहुंचा, जहां ग्रामीणों और छात्राओं की ओर से इसका पारंपरिक स्वागत किया गया। छात्राओं ने आदिवासी पारंपरिक नृत्य और गीत प्रस्तुत कर यात्रा दल का अभिनंदन किया।
अस्मिता संस्था की प्रतिनिधि अंकिता ने अपनी टीम के साथ यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि जस्ट ट्रांजिशन में रामगढ़ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में लोग कोयले पर आधारित आजीविका से जुड़े हैं, और भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में कोयले पर निर्भरता घटने पर इन लोगों की जीविका सुरक्षित करना आवश्यक होगा।
अग्रगति संस्था के किरण शंकर दत्त ने कहा कि सारथी–झारखंड जस्ट ट्रांजिशन नेटवर्क के बैनर तले हो रही यह यात्रा झारखंड के हरित भविष्य और सभी समुदायों की सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
हेसागढ़ा पंचायत के मुखिया एतवा मांझी ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि पेड़ों की लगातार घटती संख्या जीवन के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया।
पुनडी पंचायत की मुखिया रोपन देवी ने बताया कि 2017 तक यहां कोयला खदान संचालित होने से कई लोगों को रोजगार मिलता था, लेकिन खदान बंद होने के बाद सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि खाली खदानों में मछली पालन, बतख पालन जैसे विकल्प विकसित किए जा सकते हैं ताकि पलायन रोका जा सके।
सारथी–झारखंड जस्ट ट्रांजिशन नेटवर्क के संयोजक मुन्ना झा ने कहा कि झारखंड सिर्फ कोयले की भूमि नहीं है, बल्कि सोलर ऊर्जा, कृषि और अन्य वैकल्पिक आजीविका की बड़ी संभावनाओं वाला प्रदेश है। बदलाव में स्थानीय लोगों की भागीदारी सबसे अहम है।
कार्यक्रम में पंचायत ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शेखर जी, अग्रगति संस्था के जिला समन्वयक श्याम सुंदर महतो, मो. बेलाल अंसारी, रूपेश ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।