नई दिल्ली : 8वें वेतन आयोग को लेकर जहां केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ रही हैं, वहीं पेंशन व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार ने अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है। सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को दोबारा लागू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार के कर्मचारी वर्तमान में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और प्रस्तावित यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के दायरे में ही रहेंगे। ओपीएस की बहाली को लेकर सरकार स्तर पर कोई पहल नहीं की जा रही है।
ओपीएस बनाम एनपीएस-यूपीएस पर सरकार का रुख
सरकार के अनुसार, कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की है, लेकिन केंद्र सरकार की नीति इससे अलग है। केंद्र का मानना है कि नियंत्रित और फंड-आधारित पेंशन व्यवस्था ही भविष्य में वित्तीय संतुलन बनाए रख सकती है। यही वजह है कि 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच भी ओपीएस की वापसी की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
राज्यों को नहीं मिलेगा एनपीएस फंड
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन राज्यों ने ओपीएस को अपनाया है, उन्हें एनपीएस के तहत जमा केंद्र एवं कर्मचारी अंशदान वापस करने का कोई प्रावधान नहीं है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में ओपीएस लागू होने के बावजूद यह स्थिति बनी हुई है।
यूपीएस मॉडल पर सरकार का भरोसा
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को सरकार भविष्य की पेंशन व्यवस्था के रूप में आगे बढ़ा रही है। इस योजना के तहत न्यूनतम 25 वर्षों की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट से पहले अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में दिए जाने का प्रावधान है। वहीं, कम से कम 10 वर्ष की सेवा पर 10,000 रुपये मासिक न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
रिटायरमेंट पर आंशिक निकासी का विकल्प
यूपीएस के अंतर्गत कर्मचारी को रिटायरमेंट के समय अपने जमा कॉर्पस का 60 प्रतिशत तक निकालने का विकल्प मिलेगा, हालांकि इससे मासिक पेंशन की राशि में कटौती होगी। यह व्यवस्था ओपीएस से पूरी तरह अलग है और इसी को लेकर कर्मचारियों के बीच बहस जारी है।
8वें वेतन आयोग पर संभावित असर
पेंशन को लेकर सरकार के इस स्पष्ट रुख से संकेत मिलता है कि 8वें वेतन आयोग में वेतन और भत्तों पर चर्चा तो संभव है, लेकिन ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली की उम्मीद फिलहाल कमजोर नजर आ रही है। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल वित्तीय स्थिरता और सीमित पेंशन दायित्व पर केंद्रित दिखती है।
साभार: डीएएस