रामगढ़, झारखंड :ओशो अनुज स्वामी शैलेंद्र सरस्वती एवं मां प्रिया आज रांची एयरपोर्ट पहुंचे, जहां सैकड़ों भक्तों ने पुष्पगुच्छ और माल्यार्पण कर उनका भव्य स्वागत किया। एयरपोर्ट का माहौल पूरी तरह भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा में बदल गया। इसके बाद काफिला रामगढ़ के शहनाई बैंक्वेट हॉल, केथा (मौसी बड़ी मंदिर के पास) पहुंचा, जहां दूर-दूर से आए साधकों ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।
शाम 5:30 बजे कार्यक्रम कीऔपचारिक शुरुआत हुई। मंच पर स्वामी शैलेंद्र सरस्वती, मां प्रिया, आचार्य प्रभाकर, डॉ. सीमा रश्मि तथा स्वामी दिगंबर उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान पुष्पमाला और सम्मान समारोह संपन्न हुआ। बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया और उसके बाद मंच संचालन की जिम्मेदारी कमल बगड़िया ने संभाली। दीप प्रज्वलन के उपरांत तीनों आचार्यों ने अपने आध्यात्मिक विचार रखे।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण स्वामी शैलेंद्र सरस्वती का संबोधन रहा, जिसमें उन्होंने ध्यान, प्रेम और जीवन के गूढ़ तत्वों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने समझाया कि ध्यान कोई जटिल प्रक्रिया नहीं, बल्कि मन और तन को शांत कर भीतर प्रवेश करने का सहज मार्ग है। उन्होंने कहा कि ओशो की शिक्षाएं साधकों को जीवन में नई ऊर्जा, आनंद और जागरूकता प्रदान करती हैं।
संगीत और उत्सव के बीच ध्यान की प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन, भजन-संगीत, उत्सव और प्रसाद वितरण हुआ, जिसके बाद साधक विश्राम के लिए प्रस्थान किए। तीन दिवसीय यह आध्यात्मिक कार्यक्रम साधकों में नई चेतना और सकारात्मक ऊर्जा भरने का संदेश देता दिखाई दिया।