खूंटी, झारखंड : खूंटी जिले में पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। इस बहुचर्चित हत्याकांड की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जमीन विवाद इस हत्या की मुख्य वजह थी, जबकि घटना को अंजाम देने वाले शूटर अब भी फरार हैं।
खूंटी के पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि एसआईटी की गहन जांच के बाद मामले की परतें खुली हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में सोमा मुंडा हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, गोली चलाने वाले मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बाहा मुंडा (29), देवा पाहन (63), अनिश मुंडा (31), रविया पाहन (39), रमेश्वर संगा (25), पंकज कुमार शर्मा (45) और देवव्रत नाथ शाहदेव शामिल हैं। इनमें से अधिकांश आरोपी खूंटी जिले, झारखंड के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके खिलाफ पूर्व में कई थानों में मामले दर्ज हैं।
छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से विभिन्न कंपनियों के कुल सात मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनकी तकनीकी जांच की जा रही है।
7 नवंबर को हुई थी हत्या, जिले में मचा था आक्रोश
गौरतलब है कि 7 नवंबर को पड़हा राजा सोमा मुंडा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद खूंटी जिले में भारी आक्रोश देखने को मिला था और अगले दिन खूंटी बंद का आह्वान किया गया था, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने भाग लिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी मनोज कौशिक ने तत्काल एसआईटी का गठन करते हुए एक सप्ताह के भीतर मामले के खुलासे का निर्देश दिया था। इसके साथ ही सदर थाना प्रभारी मोहन कुमार को निलंबित कर उनकी जगह अशोक सिंह को नया प्रभारी बनाया गया था। आईजी स्वयं खूंटी पहुंचे थे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया था।
पुलिस का कहना है कि फरार शूटरों की गिरफ्तारी के बाद इस हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा। फिलहाल जांच जारी है और जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।