रामगढ़, झारखंड : आगामी ईद, सरहुल और रामनवमी पर्व को लेकर सोमवार को रामगढ़ समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक अजय कुमार भी इसमें मौजूद रहे। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और शांति समिति के सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने सभी पर्वों को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शांति समिति के सदस्यों से सुझाव भी लिए। उपायुक्त ने सभी को आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन हर वर्ष की तरह इस बार भी सभी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके लिए विभिन्न स्थानों को चिन्हित कर वहां दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार गश्त कर हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।
उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि त्योहारों के दौरान किसी भी व्यक्ति को शराब या अन्य नशे की हालत में जुलूस में शामिल न होने दें। यदि कोई व्यक्ति माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि सभी जुलूस निर्धारित रूट के अनुसार ही निकाले जाएं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान डीजे के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। हालांकि धार्मिक गीत बजाने की अनुमति रहेगी, लेकिन किसी भी प्रकार के भड़काऊ गीत बजाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति के सदस्यों के साथ समन्वय बनाकर काम करें। उन्होंने जुलूस मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था, आवश्यकता अनुसार सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए।
अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग कुमार तिवारी ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को बिना पुष्टि के साझा न करें। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाह या भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिले के वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, कर्मचारी तथा शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।