रामगढ़ (झारखंड) :रामगढ़ में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए सामाजिक संगठन अग्रगति ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर सतर्कता दिवस मनाया। इस दौरान बाल विवाह निषेध अधिकारी (सीएमपीओ) और आशा यूनिटों ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
संगठन के निदेशक किरण शंकर दत्त ने बताया कि ‘अग्रगति’ जिला प्रशासन, पंचायतों, स्कूलों और धर्मगुरुओं के साथ मिलकर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके तहत हजारों लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई है।
उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे संवेदनशील मौकों पर विशेष अभियान चलाकर बाल विवाह रोकने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। ‘अग्रगति’ देशभर में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए कार्यरत जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नेटवर्क का सहयोगी संगठन है।
किरण शंकर दत्त ने कहा कि पहले लोगों को बाल विवाह के कानून के बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन अब जागरूकता बढ़ी है और लोग स्वयं इसकी सूचना प्रशासन को देने लगे हैं। उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत यह दंडनीय अपराध है, जिसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को सजा और जुर्माना हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन और सामाजिक संगठनों की सतर्कता के कारण अक्षय तृतीया के दिन होने वाले बाल विवाहों में काफी कमी आई है, लेकिन इसे पूरी तरह समाप्त करना अभी भी आवश्यक है। संगठन ने 2030 से पहले जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।