रामगढ़ (झारखंड) : जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर में हुए चर्चित ज्वेलरी डकैती कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विशेष जांच दल (SIT) ने बिहार के नालंदा जिले में छापेमारी कर दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लूटे गए आभूषण भी बरामद कर लिए हैं।
इस कार्रवाई का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जेवर एक कार में छिपाकर रखे गए थे, जिस पर “भारत सरकार” का बोर्ड लगा हुआ था। पुलिस ने जब कार की तलाशी ली तो उसमें रखे ट्रॉली बैग से भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए।
गिरफ्तार लोगों में गिरफ्तार आरोपियों में इस कांड के मास्टरमाइंड विभाष पासवान उर्फ मृगेन्द्र पासवान का बहनोई मनीष पासवान, उसकी पत्नी रीना देवी और चंद्रावती देवी शामिल हैं। ये सभी नालंदा जिले के बना थाना निवासी बताए जा रहे हैं। मनीष पासवान रेलवे में कार्यरत बताया गया है। इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी विभाष पासवान अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसकी तलाश जारी है।
डकैती की घटना कैसे हुई
जानकारी के अनुसार, 21 अप्रैल को चितरपुर-रजरप्पा मार्ग स्थित एक ज्वेलरी दुकान में 5-6 अपराधी ग्राहक बनकर पहुंचे। थोड़ी ही देर में उन्होंने हथियार निकालकर दुकानदार को बंधक बना लिया और लगभग 1.05 करोड़ रुपये के आभूषण लेकर फरार हो गए।
हालांकि, घटना के दौरान स्थानीय लोगों की मदद से दो अपराधियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को पूरे गिरोह और लूट के सामान के ठिकाने की जानकारी मिली।
रिश्तेदारों के घर में छिपाया गया था माल
जांच में सामने आया कि फरार मास्टरमाइंड ने लूट का सामान अपने परिचितों के घर में छिपाकर रखा था। पुलिस ने नालंदा में एक रेलवे कॉलोनी स्थित आवास पर छापा मारकर कार से जेवर बरामद किए।
बरामद सामान में सोने के हार, अंगूठियां, मंगलसूत्र, कंगन, कान के आभूषण समेत चांदी के कई बर्तन और अन्य वस्तुएं शामिल हैं। साथ ही वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस का मानना है कि वारदात से पहले आरोपियों ने दुकान की कई बार रेकी की थी और कम भीड़ के समय को चुनकर योजना के तहत घटना को अंजाम दिया।
आज होगा खुलासा
इस पूरे मामले में 24 अप्रैल को रामगढ़ में पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत दिन के 10.30 bajeप्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया है ।
मुख्य आरोपी अब भी फरार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कांड का मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।