रामगढ़ (झारखंड) के पतरातू में जमीन अधिग्रहण विवाद गहराया, हेसला गांव में विस्थापन के खिलाफ ग्रामीणों की बैठक
पतरातू (रामगढ़), झारखंड : रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड स्थित हेसला गांव में जमीन अधिग्रहण और विस्थापन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। हेसला पंचायत की करीब 222 एकड़ जमीन को सरकार द्वारा अधिग्रहित बताकर ग्रामीणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, कोर्ट में दाखिल शपथ पत्र के अनुसार सरकार केवल लगभग 12.5 एकड़ जमीन ही अधिग्रहित होने की बात स्वीकार कर पा रही है। इसी बीच, करीब 50 एकड़ भूमि एक शराब निर्माण फैक्ट्री को आवंटित किए जाने की भी बात सामने आ रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है।
मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद ‘अतिक्रमण हटाओ’ अभियान के नाम पर कई परिवारों को पहले ही हटाया जा चुका है। इस स्थिति को लेकर शुक्रवार को हेसला पंचायत में ग्रामीणों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए।
बैठक में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष और कांग्रेस प्रवक्ता शांतनु मिश्रा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जमीन का पूरा अधिग्रहण किए बिना ही लोगों को हटाना गलत है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित लोगों को पहले उचित मुआवजा दिया जाए और उनके पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बिना पुनर्वास के विस्थापन को उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताया।
शांतनु मिश्रा ने कहा कि इस मामले को लेकर अदालत में जनहित याचिका दायर की जाएगी और रामगढ़ उपायुक्त कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना भी दिया जाएगा।
बैठक में अन्य वक्ताओं ने भी ग्रामीणों के हक में आवाज उठाते हुए मांग की कि पहले रैयतों को उनका अधिकार और मुआवजा दिया जाए, उसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाए।