रामगढ जिला गोला (झारखण्ड) में अवैध शराब निर्माण इकाई का खुलासा, बिहार तक सप्लाई की आशंका 

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गोला (रामगढ़) झारखंड  : रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से नकली शराब तैयार किए जाने के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई ऊपर खाखरा पंचायत के पत्थलगढ़वा गांव में की गई, जहां एक किराये के परिसर और पशुशाला का उपयोग कर बड़े पैमाने पर शराब तैयार की जा रही थी। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में रसायन, तैयार शराब, पैकेजिंग सामग्री और उपकरण जब्त किए हैं। इस मामले में दो स्थानीय लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यहां तैयार की गई शराब को विभिन्न नामी ब्रांडों के लेबल लगाकर बिहार सहित अन्य बाजारों में भेजा जाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अंतरराज्यीय नेटवर्क की संभावना की भी जांच कर रही है।

ग्रामीण इलाके में चल रहा था संगठित कारोबार

जांच में सामने आया है कि सुनसान और कम आबादी वाले क्षेत्र का चयन इस अवैध गतिविधि के लिए किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई महीनों से यहां बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ी हुई थी, लेकिन वास्तविक गतिविधियों की जानकारी किसी को नहीं थी। स्थानीय मजदूरों को दैनिक भुगतान के आधार पर बोतल भरने, पैकिंग और लोडिंग का काम कराया जाता था।

ब्रांडेड लेबल लगाकर की जाती थी पैकिंग

पुलिस को संदेह है कि शराब में विभिन्न रासायनिक पदार्थ मिलाकर उसे तैयार किया जाता था। इसके बाद बोतलों पर प्रसिद्ध कंपनियों के समान दिखने वाले लेबल, स्टीकर और ढक्कन लगाए जाते थे। तैयार माल को कार्टन में पैक कर बाहरी राज्यों में भेजा जाता था। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की शराब लोगों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक हो सकती है।

भारी मात्रा में सामग्री जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में रसायन से भरे कंटेनर, सैकड़ों पेटियां तैयार शराब, हजारों खाली बोतलें, ढक्कन, स्टीकर, ड्रम और प्रिंटिंग उपकरण बरामद किए। सभी सामग्रियों को जब्त कर थाना लाया गया है और उनका विस्तृत परीक्षण कराया जा रहा है।

कई संदिग्धों की तलाश जारी

कार्रवाई के बाद क्षेत्र के कई संदिग्ध लोग गांव से गायब बताए जा रहे हैं। पुलिस आसपास के इलाकों में छापेमारी कर संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि इस नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था, कच्चा माल कहां से आता था और तैयार शराब किन-किन क्षेत्रों में भेजी जाती थी।

स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार रसायन मिश्रित शराब के सेवन से आंखों की रोशनी प्रभावित होने, किडनी फेल होने और मृत्यु तक की आशंका रहती है। इस दृष्टि से यह मामला केवल अवैध व्यापार का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर खतरे का भी है।

सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।