नई दिल्ली / रांची (झारखंड) : झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलमगीर आलम को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडियासे बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें नियमित जमानत प्रदान कर दी है। लगभग दो वर्ष से न्यायिक हिरासत में रहने के बाद अब उनके जल्द रिहा होने की संभावना है।
इसी मामले में अदालत ने आलमगीर आलम के पूर्व निजी सचिव संजीव लाल को भी जमानत दे दी है। इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
यह मामला झारखंड के चर्चित टेंडर अनियमितता और कथित कमीशनखोरी से जुड़ा है। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने मई 2024 में रांची और अन्य स्थानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के आवास से लगभग 32.20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसके अलावा संजीव लाल के घर और कार्यालय से भी नकदी तथा दस्तावेज जब्त किए गए थे।
जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी टेंडर आवंटन के बदले कथित रूप से कमीशन लिया जाता था और इसके लिए एक संगठित नेटवर्क कार्यरत था। साक्ष्यों के आधार पर 15 मई 2024 को आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया गया था।
अब सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।