रामगढ़ कैंट (झारखंड) :रामगढ़ शहर के कोयरी टोला निवासी शशिभूषण प्रसाद द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी इन दिनों शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने रामगढ़ न्यायालय के तीन अधिवक्ताओं सहित पांच लोगों पर अलग-अलग मामलों में कुल लाखों रुपये लेने और वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। रामगढ़ थाना में इस संबंध में कांड संख्या 120/26, दिनांक 18 मई 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
प्राथमिकी के अनुसार शशिभूषण प्रसाद ने आरोप लगाया है कि रामगढ़ कोर्ट के अधिवक्ता रोहित प्रकाश को छह मामलों के समाधान के लिए वर्ष 2022, 2023 और 2024 के दौरान कुल एक लाख रुपये दिए गए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित मामलों का अब तक समाधान नहीं हुआ और उनकी राशि भी वापस नहीं की गई।
इसके अलावा अधिवक्ता प्रभाकर श्रीवास्तव और सुबोध पांडेय पर आरोप लगाया गया है कि सहारा इंडिया में निवेश की गई राशि वापस दिलाने के नाम पर वर्ष 2022 में लगभग 70 हजार रुपये लिए गए। इस संबंध में जिला उपभोक्ता आयोग, रामगढ़ में वाद संख्या 23/2022 और 45/2022 दायर किया गया था, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार अब तक उन्हें कोई राशि प्राप्त नहीं हुई।
शशिभूषण प्रसाद ने नईसराय स्थित सीसीएल अस्पताल क्षेत्र निवासी भक्ति घासी पर भी 80 हजार रुपये उधार लेकर वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार यह राशि जरूरी कार्य और बच्चों की पढ़ाई के लिए दी गई थी।
वहीं गोलपार, पूर्णी मंडप निवासी संजय कुमार सिंह पर मार्च 2025 में परिवार के सदस्यों के इलाज के लिए एक लाख रुपये लेने और अब तक वापस नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने रामगढ़ थाना पुलिस से सभी संबंधित व्यक्तियों से उनकी राशि वापस दिलाने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
रामगढ़ थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। एक साथ अधिवक्ताओं समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने से शहर में इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है।