झारखंड में बकरीद को लेकर पुलिस मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, डीजीपी तदाशा मिश्र ने दिए सख्त निर्देश

Spread the love

रांची, झारखंड : झारखंड की पुलिस महानिदेशक श्रीमती तदाशा मिश्र ने आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) पर्व को लेकर राज्य की सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था की समीक्षा की। इस संबंध में 25 मई 2026 को पुलिस मुख्यालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक अभियान टी. कंदसामी, पुलिस महानिरीक्षक विशेष शाखा प्रभात कुमार, प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक बोकारो शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, पुलिस उप-महानिरीक्षक विशेष शाखा चौथे मनोज रतन एवं नौशाद आलम सहित राज्य के सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

बैठक के दौरान पिछले वर्ष बकरीद एवं अन्य सांप्रदायिक घटनाओं से जुड़े मामलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी त्योहार को लेकर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई, दंडाधिकारी एवं सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, धार्मिक स्थलों के आसपास सीसीटीवी, वीडियोग्राफी एवं ड्रोन निगरानी, संयुक्त नियंत्रण कक्ष और आपातकालीन योजना पर चर्चा की गई।

इसके अलावा जिला एवं थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकों, दंगारोधी उपकरणों, दंगारोधी वाहनों, वॉटर कैनन की उपलब्धता, एंटी रॉयट कंट्रोल ड्रिल, लंबित वारंट एवं कुर्की मामलों के निष्पादन, डीजे एवं अन्य साउंड सिस्टम पर उत्तेजक गानों के प्रसारण पर नियंत्रण तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी को लेकर भी व्यापक समीक्षा की गई। प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा के बाद पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्र ने सभी जिलों को आगामी त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों पर विशेष निगरानी रखने तथा उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में पूर्व में सांप्रदायिक घटनाएं हुई हैं, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए।

डीजीपी ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने, जिला नियंत्रण कक्ष को अधिक प्रभावी बनाने, हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने, सुरक्षा बलों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, विशेष अभियान चलाने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने एवं अंतरराज्यीय चेक पोस्टों पर विशेष निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया।