रामगढ़ छावनी के पंजाब रेजीमेंटल सेंटर में अग्निवीर बैच-VII की पासिंग आउट परेड संपन्न, 1143 अग्निवीर बने भारतीय सेना का हिस्सा

Spread the love

बेहतर प्रदर्शन करते वाले जवान को सम्मानित

करते ब्रिगेडियर साजेश बाबू पीजी

रामगढ कैंट (झारखंड) : रामगढ़ छावनी स्थित पंजाब रेजीमेंटल सेंटर में शनिवार को अग्निवीर बैच-VII की भव्य पासिंग आउट परेड (Passing Out Parade) का आयोजन किया गया। गर्व, उत्साह और देशभक्ति के माहौल में 1143 अग्निवीर रंगरूटों ने 24 सप्ताह की कठिन सैन्य ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। परेड के दौरान सैन्य अनुशासन, टीमवर्क, युद्धक तैयारी और पंजाब रेजीमेंट की गौरवशाली परंपराओं की झलक देखने को मिली।

समारोह की समीक्षा पंजाब रेजीमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर साजेश बाबू पीजी ने की। इस अवसर पर प्रशिक्षक अधिकारियों के साथ-साथ अग्निवीरों के परिजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। युवा रंगरूटों ने आत्मविश्वास, सटीक कदमताल और राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया।

संबोधित करते ब्रिगेडियर साजेश बाबू पीजी

कठिन प्रशिक्षण से गुजरकर बने सक्षम सैनिक

24 सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान अग्निवीरों को कठोर शारीरिक अभ्यास, सामरिक प्रशिक्षण, हथियार संचालन, ड्रोन प्रशिक्षण और मानसिक सहनशक्ति से जुड़ी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य उनमें नेतृत्व क्षमता, साहस, प्रोफेशनलिज्म और कर्तव्यनिष्ठा का विकास करना था।

राष्ट्रीय ध्वज के साथ परेड करते जवान 

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हुए सम्मानित

समारोह के दौरान ड्रिल, फायरिंग, शारीरिक दक्षता और ओवरऑल प्रदर्शन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया। इससे अन्य अग्निवीरों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली।

परेड देखने आये जवानों के परिजनों व पूर्व सैनिकों से मिलते अधिकारी

संविधान और राष्ट्र के प्रति निष्ठा की ली शपथ

परेड के समापन पर सभी अग्निवीरों ने संविधान और राष्ट्र के प्रति निष्ठा की शपथ ली तथा भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं और सम्मान को बनाए रखने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर अभिभावकों के त्याग, सहयोग और प्रेरणा के सम्मान में उन्हें पारंपरिक “गौरव पदक” भी प्रदान किया गया।

पंजाब रेजीमेंटल सेंटर में आयोजित यह पासिंग आउट परेड समारोह देशभक्ति, अनुशासन और सैन्य गौरव का प्रतीक बन गया। अब ये प्रशिक्षित अग्निवीर पंजाब रेजीमेंट की विभिन्न बटालियनों में अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार हैं।