रामगढ़, झारखंड : जिला समाहरणालय सभाकक्ष में मंगलवार को उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) न्यास परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री मनीष जायसवाल, रामगढ़ विधायक ममता देवी, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी समाहरणालय सभाकक्ष में उपस्थित रहे। वहीं विभिन्न पंचायतों के मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
बैठक के दौरान सांसद, विधायकों, उपायुक्त एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न विभागों तथा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त विकास संबंधी प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में सड़क निर्माण, जलापूर्ति योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास से संबंधित आवश्यकताओं को प्रमुखता से रखा।
न्यास परिषद की बैठक में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, इको टूरिज्म, जलापूर्ति, स्किल डेवलपमेंट एंड लाइवलीहुड जेनरेशन, फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर सहित विभिन्न क्षेत्रों के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनहित एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में डीएमएफटी की प्रबंधकीय समिति से पूर्व में अनुमोदित विभिन्न योजनाओं को न्यास परिषद से स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में भी चर्चा की गई। इस दौरान सांसद, विधायक, उपायुक्त एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं की उपयोगिता, प्राथमिकता एवं क्षेत्रीय आवश्यकता के आधार पर अपने सुझाव दिए तथा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े विभिन्न पंचायतों एवं क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की विकासात्मक आवश्यकताओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को बैठक में रखा। उन्होंने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाओं की मांग करते हुए क्षेत्रीय विकास को गति देने पर जोर दिया।
उपायुक्त श्री ऋतुराज ने बैठक के दौरान सभी विभागों को जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी की राशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास एवं स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार के उद्देश्य से किया जाना चाहिए।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, छावनी परिषद के अधिशासी अधिकारी, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।