हजारीबाग (झारखंड) : शहर में पांच दिनों से लापता मासूम भाई-बहन की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी दूसरे राज्य फरार होने की तैयारी में था, लेकिन बस स्टैंड से उसे धर दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने दोनों बच्चों की हत्या करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के मुताबिक, कोर्रा थाना क्षेत्र के सिंदूर गांव निवासी संजीत पासवान ने 27 मई की शाम बच्चों को मोबाइल दिलाने और घुमाने का लालच देकर अपने साथ स्कूटी पर बैठाया था। इसके बाद वह उन्हें शहर के विभिन्न इलाकों में घुमाते हुए सुनसान स्थान पर ले गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले बड़ी बहन को निशाना बनाया। विरोध और शोर मचाने की आशंका के चलते उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद घटना का चश्मदीद बने छोटे भाई को भी मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों बच्चों के शव अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए गए थे ताकि घटना के साक्ष्य छिपाए जा सकें।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की थी। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार छापेमारी के आधार पर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसी दौरान सूचना मिली कि वह शहर छोड़ने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद सादे लिबास में तैनात पुलिसकर्मियों ने बस स्टैंड पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि 27 मई को लापता हुए भाई-बहन में से लड़की का शव 31 मई को सिंदूर श्मशान घाट क्षेत्र के समीप मिला था, जबकि अगले दिन उसके छोटे भाई का शव भी बरामद किया गया था। इस घटना ने पूरे हजारीबाग जिले को झकझोर कर रख दिया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच अभी भी जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।