रामगढ़ (झारखंड) : महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को रामगढ़ समाहरणालय सभाकक्ष में ‘चुप्पी तोड़ो अभियान’ के तहत जिलास्तरीय कार्यशाला सह शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त ऋतुराज ने की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन की एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, जिसे लेकर समाज में फैली झिझक और भ्रांतियों को समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर खुलकर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
उप विकास आयुक्त श्री अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता और स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रही सहिया, सेविकाएं और अन्य कर्मी सामाजिक बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदू प्रभा खलखो ने कहा कि महिलाओं का बेहतर स्वास्थ्य परिवार और समाज की मजबूती का आधार है। उन्होंने महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर जागरूक करने तथा संकोच की संस्कृति को समाप्त करने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त और अन्य अधिकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से उपस्थित सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाओं तथा किशोरियों के बीच सैनिटरी पैड का वितरण किया। साथ ही सभी प्रतिभागियों ने मासिक धर्म से जुड़ी रूढ़ियों और गलत धारणाओं को समाप्त करने तथा समाज में जागरूकता फैलाने की सामूहिक शपथ ली।
उपायुक्त ने एएनएम और जल सहियाओं को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव जाकर महिलाओं और किशोरियों को सैनिटरी पैड के सही उपयोग, स्वच्छता संबंधी सावधानियों तथा सुरक्षित निपटान की जानकारी दें।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त श्री अग्रवाल, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा खलखो, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सुरेंद्र कुमार दिनकर सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों से आईं जल सहियाएं, आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहायिकाएं, एएनएम, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।