पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लगातार पहल कर रहा बीएफसीएल, 2026 में 1200 पौधे लगाने का लक्ष्य

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रामगढ़ (झारखंड) : पर्यावरण संरक्षण और सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड (बीएफसीएल) विभिन्न स्तरों पर कई पहलें संचालित कर रहा है। कंपनी ने औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय दायित्वों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों, प्रशिक्षण सत्रों तथा पौधारोपण अभियानों को अपनी प्राथमिकता बनाया है।

कंपनी के “हरित भविष्य” अभियान के तहत वर्ष 2026 में 1,200 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्रत्येक माह 100 पौधों का रोपण किया जा रहा है। बीएफसीएल के अनुसार जनवरी से मई 2026 के बीच कंपनी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 1,000 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।

कंपनी का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल तकनीकी उपायों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए कर्मचारियों और समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। इसी सोच के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इन विषयों पर दिया जा रहा जोर

  • उत्सर्जन नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) और डस्ट कैचर जैसी आधुनिक प्रणालियों के संचालन का प्रशिक्षण।

  • जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन संबंधी जागरूकता।

  • कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार नागरिक एवं पर्यावरण दूत के रूप में तैयार करना।

प्रदूषण नियंत्रण और संरक्षण के लिए प्रमुख कदम

  • वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 5 एंटी-स्मॉग गन, 14 डस्ट कैचर और पर्याप्त संख्या में वॉटर स्प्रिंकलर की व्यवस्था।

  • वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए बीएफसीएल तालाब, डीसी कार्यालय सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर रीयल-टाइम कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (CAAQMS) स्थापित किए गए हैं।

  • 3.50 हेक्टेयर क्षेत्र में देशी प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जा रहा है।

  • 54,600 घन मीटर क्षमता वाले जलाशय के माध्यम से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य कर्मचारियों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है, ताकि वे इसे केवल नियमों के पालन तक सीमित न रखें बल्कि सामाजिक दायित्व के रूप में भी अपनाएं।

बीएफसीएल का कहना है कि भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े प्रयास जारी रहेंगे। कंपनी का दावा है कि वह हरित और सतत औद्योगिक विकास के मॉडल के रूप में कार्य करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।