पतरातू (रामगढ़) झारखंड : रेल दुर्घटनाओं जैसी आपात स्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को पतरातू यार्ड में एक विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास के माध्यम से रेलवे के विभिन्न विभागों की आपसी समन्वय क्षमता, संसाधनों की उपलब्धता और आपदा से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया गया।
धनबाद मंडल के सुरक्षा विभाग के निर्देश पर आयोजित इस अभ्यास में एक खड़ी रेल रेक को काल्पनिक दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन मानकर राहत कार्यों की पूरी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), इंजीनियरिंग विभाग और चिकित्सा विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया।
अभ्यास के दौरान यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित घेराबंदी में लेने तथा यात्रियों के सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार देने और गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया।
चिकित्सा दल ने मौके पर ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का अभ्यास किया, जबकि इंजीनियरिंग और सुरक्षा विभाग ने दुर्घटना के बाद आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा उपायों का प्रदर्शन किया। इस दौरान संचार व्यवस्था, संसाधनों के उपयोग और विभिन्न टीमों के बीच समन्वय की भी जांच की गई।
रेल अधिकारियों ने बताया कि किसी भी रेल दुर्घटना के बाद शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में नियमित मॉक ड्रिल से कर्मचारियों की दक्षता बढ़ती है और वास्तविक परिस्थितियों में राहत कार्यों को तेजी से संचालित करने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम में आरपीएफ निरीक्षक अजय कुमार सिंह, उप निरीक्षक सोनू कुमार, उप निरीक्षक प्रवीण कुमार, वरीय अनुभाग अभियंता शशि कुमार, चिकित्सक डॉ. अभिषेक कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने आपदा प्रबंधन संबंधी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास कर अपनी तैयारियों को परखा।