रामगढ़, झारखंड : उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), खाद्यान्न वितरण, सोना-सोबरन योजना तथा धान अधिप्राप्ति से संबंधित कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
बैठक की शुरुआत में जिला आपूर्ति पदाधिकारी निशा कुमारी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और वर्तमान कार्य प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने जिले में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था, पीडीएस दुकानों की स्थिति तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए।
पीडीएस दुकानों और गोदामों के नियमित निरीक्षण का निर्देश
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (बीएसओ) को प्रत्येक माह अपने-अपने क्षेत्र की पीडीएस दुकानों का अनिवार्य रूप से भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही गोदामों और पैक्स का भी नियमित निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया।
उपायुक्त ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) एवं राज्य खाद्य सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए बेहतर निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया।
खराब प्रदर्शन वाले डीलरों पर होगी कार्रवाई
बैठक में जिले के पीडीएस डीलरों की कार्यप्रणाली और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अनियमितता बरतने वाले एवं खराब प्रदर्शन करने वाले पीडीएस संचालकों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि लाभुकों को समय पर और पारदर्शी तरीके से राशन उपलब्ध हो सके।
सोना-सोबरन योजना की प्रगति की समीक्षा
बैठक में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र गरीब एवं वंचित परिवारों के बीच धोती, लुंगी और साड़ी वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा अब तक छूटे हुए लाभुकों को जल्द से जल्द योजना से आच्छादित किया जाए।
राशन नहीं लेने वाले कार्डधारियों पर कार्रवाई
उपायुक्त ने ऐसे राशन कार्डधारियों की भी समीक्षा की जो लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव नहीं कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे लाभुकों को नियमानुसार नोटिस जारी किया जाए। नोटिस के बावजूद संतोषजनक जवाब या सुधार नहीं मिलने पर उनके राशन कार्ड रद्द कर प्रतीक्षा सूची में शामिल नए पात्र लाभुकों को योजना का लाभ दिया जाए।
धान अधिप्राप्ति और किसानों के भुगतान पर भी हुई चर्चा
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति, पैक्स के माध्यम से धान उठाव तथा किसानों को किए गए भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर समाहर्ता मनींद्र भगत, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तथा जिला आपूर्ति कार्यालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।