रामगढ़, झारखंड : उपायुक्त श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक इकाइयों की सामाजिक भागीदारी, श्रमिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सरकारी योजनाओं में सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी सीएसआर टीम के साथ बैठक कर विस्तृत सीएसआर प्लान तैयार करने तथा जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रपत्र में तीन दिनों के भीतर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली दुर्घटनाओं को शून्य करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने सभी इकाइयों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने, कर्मियों को नियमित सेफ्टी प्रशिक्षण देने तथा कार्यस्थल पर अनिवार्य रूप से सुरक्षा उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों को व्यावसायिक स्वास्थ्य केंद्र (ओएचसी) स्थापित करने का निर्देश देते हुए 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी कर्मियों की स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट जिला उद्योग केंद्र को उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में उपायुक्त ने भारत सरकार के चार प्रमुख श्रम संहिताओं—वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थिति संहिता 2020—का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही किसी भी परिस्थिति में बाल श्रम नहीं रखने की हिदायत दी।
रामगढ़ जिला को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त ने सभी औद्योगिक इकाइयों से टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सीएसआर मद से टीबी मरीजों को गोद लेकर निक्षय मित्र बनने का आह्वान किया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, नजारत उपसमाहर्ता, जिला खनन पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।