रामगढ़, झारखंड :उपायुक्त श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों विभागों की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन सूची तैयार कर स्थापना शाखा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अबुआ आवास योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी आवास कोऑर्डिनेटरों को निर्देश दिया कि जिन आवासों का तीसरी किस्त का भुगतान हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्राप्त लक्ष्य के विरुद्ध न्यूनतम 70 प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश सभी प्रखंड समन्वयकों को दिया गया।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत तीसरी किस्त प्राप्त कर चुके आवासों को आगामी माह तक पूर्ण कराने तथा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त अंबेडकर आवास योजना के लंबित आवासों में से कम से कम 50 प्रतिशत आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।
मनरेगा कार्यों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने मानव दिवस सृजन में महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। साथ ही सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों (बीपीओ) को पूर्ण हो चुकी एवं पूर्ण होने वाली योजनाओं की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
पंचायती राज विभाग की योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा
पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी पंचायत सचिवों को निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं से संबंधित सूची, इन्वेंटरी, पंचायत क्षेत्रों की साफ-सफाई, वॉल पेंटिंग, पंचायत भवनों में इंटरनेट सुविधा, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित संचिकाओं सहित सभी अभिलेखों को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखा जाए।
उन्होंने प्रत्येक माह मुखिया की अध्यक्षता में पंचायत स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, मूलभूत सुविधाओं एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर नियमित बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। साथ ही पंचायत स्तर पर कार्यरत सभी कर्मियों के नाम एवं मोबाइल नंबर पंचायत भवन में प्रदर्शित करने को कहा, ताकि आम नागरिकों को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
सभी पंचायत सेवकों को पाई चार्ट एवं फ्लेक्स के माध्यम से योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित करने तथा पंचायत सहायकों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पंचायत ज्ञान केंद्रों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं पंचायत सचिवों को 30 दिनों के भीतर केंद्रों को संचालित करने तथा उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 की चयनित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की चयनित योजनाओं में कम से कम 60 प्रतिशत कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर बल दिया गया।
इसके अलावा सभी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की कम से कम एक पंचायत को मॉडल पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया गया। वहीं ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को प्रत्येक माह न्यूनतम चार पंचायतों का भ्रमण कर योजनाओं की निगरानी करने तथा कनीय अभियंताओं को पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त श्री ऋतुराज ने कहा कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास से सीधे जुड़ी हुई हैं। इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मी निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।