रामगढ़ (झारखंड) :झारखंड के रामगढ़ जिले स्थित चुटुपालू घाटी में बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। रामगढ़ थाना क्षेत्र में सुबह करीब 10 बजे ब्रेक फेल होने के बाद एक अनियंत्रित ट्रेलर करीब दो किलोमीटर तक बेकाबू होकर दौड़ता रहा और रास्ते में सामने आए करीब 10 वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद घाटी क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी के मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घाटी में लगा जाम
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रेलर के ब्रेक फेल होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद ट्रेलर तेज रफ्तार में करीब दो किलोमीटर तक उत्पात मचाते हुए लगातार वाहनों से टकराता चला गया। इस दौरान छह चारपहिया वाहन, तीन दोपहिया वाहन तथा एक यात्री बस क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कई वाहनों को गंभीर नुकसान पहुंचा।
इस दुर्घटना में लगभग 15 से 20 लोग घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, हालांकि प्रशासन की ओर से विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।
बस में सवार यात्रियों ने बताया कि ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर उनकी बस से टकरा गया। इसके बाद वह लगातार आगे बढ़ता रहा और रास्ते में आने वाले अन्य वाहनों को भी टक्कर मारता गया। हादसे के समय घाटी में वाहनों की आवाजाही सामान्य थी, जिससे कई वाहन इसकी चपेट में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने का काम शुरू कराया, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य किया जा सके। हादसे के कारण कुछ समय तक घाटी क्षेत्र में लंबा जाम भी लगा रहा।
प्रशासन ने बताया कि फिलहाल किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में ट्रेलर का ब्रेक फेल होना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस ट्रेलर चालक और वाहन से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुटुपालू घाटी में भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। उन्होंने घाटी क्षेत्र में भारी वाहनों की नियमित तकनीकी जांच, गति नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।